गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पारंपरिक परिधान में मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने गोरक्षपीठ की परंपराओं का पालन करते हुए महायोगी गुरु गोरखनाथ की आराधना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। गोरक्षपीठ में विजयादशमी का विशेष धार्मिक अनुष्ठान दो घंटे से अधिक समय तक चला।
पूजा-अर्चना के बाद गोरखनाथ मंदिर से भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलेटप्रूफ रथ पर सवार होकर इस शोभायात्रा में शामिल हुए। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार, विजयादशमी के अवसर पर हर साल यह शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गर्भगृह में पहुंचे सीएम योगी
विजयादशमी के विशेष अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शक्तिपीठ में वेदी पूजन किया और लोकमंगल की प्रार्थना की। इसके बाद मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, साधु-संतों, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यों और वेदपाठी छात्रों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह मंदिर के गर्भगृह पहुंचे।
इस दौरान शंख, डमरू, घंट, तुरही और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने नाथपंथ की परंपराओं के अनुसार महायोगी गोरखनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने विभिन्न पूजन सामग्रियों के साथ शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के जवारे अर्पित किए, आरती उतारी और चंवर झुलाकर श्रद्धा व्यक्त की।
अखंड ज्योति और यज्ञशाला का भी किया पूजन
गुरु गोरखनाथ की आराधना के बाद मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित अखंड ज्योति, विभिन्न देव विग्रहों, नाथपंथ के महापुरुषों के विग्रहों, अखंड धूना, यज्ञशाला और भीम सरोवर का विशेष पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने महायोगी गोरखनाथ और मंदिर में स्थापित देव विग्रहों की परिक्रमा भी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ, महंत दिग्विजयनाथ और बाबा गंभीरनाथ महाराज सहित नाथपंथ के पूजनीय संतों का भी विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच विजयादशमी का उत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
मानसरोवर मंदिर के बाद रामलीला मैदान पहुंचने का कार्यक्रम
गोरखनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानसरोवर मंदिर में भी पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह रामलीला मैदान पहुंचकर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भगवान हनुमान का राजतिलक करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का संबोधन भी प्रस्तावित है। विजयादशमी के मौके पर गोरक्षपीठ में होने वाले ये धार्मिक आयोजन नाथपंथ की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना
विजयादशमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ की आराधना कर उत्तर प्रदेश के लोगों के कल्याण की कामना की। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित विशेष पूजा और भव्य शोभायात्रा के माध्यम से गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया।
