उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीमें प्रदेश के पांचों डिस्कॉम क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी हैं। बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद आपूर्ति सुचारु रखने और त्योहारों के दौरान ट्रिपिंग की समस्या कम करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
गांव से शहर तक 24 घंटे बिजली देने की तैयारी
यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने बताया कि गांवों, शहरों, नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। त्योहारों के दौरान बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए विभागीय टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और दक्षिणांचल समेत सभी डिस्कॉम क्षेत्रों में बिजली लाइनों और दूसरे उपकरणों का रखरखाव किया जा रहा है। जहां बिजली की लाइनों के पास पेड़ों की शाखाएं आ रही हैं, वहां उनकी कटाई-छंटाई कराई जा रही है। इससे तारों के संपर्क में आने वाली शाखाओं के कारण बिजली बाधित होने और ट्रिपिंग की आशंका कम होगी।
यूपी में बिजली की मांग के मुताबिक आपूर्ति, 23 हजार मेगावाट तक पहुंचा आंकड़ा
त्योहारों के दौरान बिजली की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए यूपीपीसीएल लगातार मांग और आपूर्ति पर नजर रख रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 18 अक्टूबर को प्रदेश में 22,540 मेगावाट बिजली की मांग के सापेक्ष आपूर्ति की गई। इससे पहले 17 अक्टूबर को 23,738 मेगावाट और 16 अक्टूबर को 23,372 मेगावाट बिजली की मांग पूरी की गई थी।
विभाग का कहना है कि मांग के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने के मामले में उत्तर प्रदेश तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आगे रहा है। हालांकि, ये आंकड़े संबंधित तारीखों की बिजली मांग और आपूर्ति के हैं।
पांचों डिस्कॉम में बिजली लाइनों की मरम्मत और मेंटेनेंस तेज
त्योहारों से पहले बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और दक्षिणांचल के अलग-अलग जिलों में विभागीय टीमें काम कर रही हैं। बिजली लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य उपकरणों की देखरेख के साथ जरूरी मरम्मत कराई जा रही है।
पूर्वांचल के जिलों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है, जबकि मध्यांचल में बिजली के बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर जोर है। पश्चिमांचल और दक्षिणांचल में भी लाइनों और उपकरणों की जांच जारी है। स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी खराबी को समय रहते ठीक किया जा सके।
त्योहारों पर बिजली कटौती कम करने पर सरकार का जोर
योगी सरकार का लक्ष्य है कि दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान लोगों को बिजली की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति की निगरानी बढ़ाई जा रही है। बिजली लाइनों की मरम्मत, उपकरणों के रखरखाव और ट्रिपिंग रोकने के उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
यूपीपीसीएल की टीमें त्योहारों के दौरान भी बिजली व्यवस्था पर नजर रखेंगी। सरकार की कोशिश है कि लोग त्योहारों पर बिना किसी बड़ी बिजली बाधा के पूजा-पाठ, रोशनी और दूसरे आयोजन कर सकें।
