मायावती ने Independence Day पर देशवासियों को दी बधाई, गरीबों और मेहनतकशों की स्थिति पर उठाए सवाल

Independence Day: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मायावती ने इस खास मौके पर देश के लगभग 140 करोड़ गरीब और मेहनतकश बहुजनों के लिए स्वतंत्रता दिवस को तभी विशेष मानने की बात की, जब वे दरिद्रता से मुक्त होकर अपना और अपने परिवार का जीवन खुशहाल बना सकें। उन्होंने कहा कि ऐसा तब संभव होगा जब केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां ‘हर हाथ को काम देने वाली’ सच्ची अम्बेडकरवादी हों।

संगठनों की नीतियों पर सवाल

मायावती ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर BJP और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बहु-प्रचारित ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की आलोचना की। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित और ज्वलंत समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया। उनका कहना है कि देशवासियों में देशभक्ति की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद, गरीब और मेहनतकश लोग अपार गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई के कारण बुनियादी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मायावती ने इस पर भी आपत्ति जताई कि BJP की देशभक्ति के स्लोगनों से गरीबों के जीवन की कठिनाइयों का मजाक उड़ाया जा रहा है।

BJP और सरकार की नीतियों पर आलोचना

एक प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा कि BJP और उत्तर प्रदेश सरकार को गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए अपनी नीयत और नीति में सुधार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाकर और गरीबों को आत्म-सम्मान के साथ जीने के लायक बनाकर ही सरकार को अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए। मायावती ने विशेष रूप से उन गरीबों को ध्यान में रखने की बात की, जो स्वरोजगार पर निर्भर हैं और जिन्हें सरकार द्वारा बुलडोजर चलाकर उजाड़ा जा रहा है।

आर्थिक विकास पर सवाल

मायावती ने सरकार के आर्थिक विकास के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि गरीब लगातार गरीब बने हुए हैं और मेहनतकश समाज की कमाई नहीं बढ़ रही है, तो सरकार के विकास संबंधी दावे खाली साबित होते हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया का गिरता भाव भी आत्मनिर्भरता को प्रभावित करता है, जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

सच्चे विकास की आवश्यकता

मायावती ने कहा कि देश की वास्तविक आवश्यकता है ‘हर हाथ को काम देने’ वाली ईमानदार नीति। उन्होंने बताया कि ऐसा तब ही संभव है जब सरकार बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के इशारे पर न चलते हुए, सही अम्बेडकरवादी संवैधानिक सोच के अनुसार कार्य करे। स्वतंत्रता का सही अर्थ लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जिसके लिए सरकार को संविधान के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार रहकर काम करना चाहिए और भावनात्मक मुद्दों के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने के बजाय कल्याणकारी भूमिका निभानी चाहिए।

स्वतंत्रता दिवस पर मायावती ने देशवासियों को बधाई देते हुए सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार के अभियानों की आलोचना करते हुए कहा कि ये योजनाएं गरीबों और मेहनतकशों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। मायावती ने सरकार से सच्ची अम्बेडकरवादी नीतियों को अपनाने और गरीबों के लिए रोजगार और आत्म-सम्मान सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल संविधान के प्रति पूर्ण जिम्मेदारी निभाकर ही सच्चे विकास की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।

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