UP politics: कन्नौज में खाली कुर्सियों पर सपा में बड़ी कार्रवाई, अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का तंज

कन्नौज। समाजवादी पार्टी के कन्नौज में आयोजित PDA सम्मेलन में कम भीड़ जुटने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। शनिवार को हुए सम्मेलन में खाली कुर्सियां नजर आने के बाद पार्टी ने संगठन पर कार्रवाई की है। रविवार को सपा के प्रदेश नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष समेत पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।

कन्नौज को समाजवादी पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां आयोजित सम्मेलन में उम्मीद के मुताबिक कार्यकर्ता नहीं पहुंचने को लेकर पार्टी संगठन पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।

PDA सम्मेलन में खाली कुर्सियों पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तंज

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “अखिलेश जी, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?”

राजभर ने कन्नौज को सपा का पारंपरिक गढ़ बताते हुए कहा कि जिस इलाके को अखिलेश यादव अपनी खानदानी विरासत मानते थे, वहां सम्मेलन में खाली कुर्सियां दिखाई दीं। उन्होंने इसे अखिलेश यादव की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाने का मौका बनाया।

अखिलेश यादव को पूरे प्रदेश की सपा कार्यकारिणी भंग करने की सलाह

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव से पहले उन्हें पूरे प्रदेश की कार्यकारिणी भंग कर देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की स्थिति सामने आ चुकी है।

राजभर ने सपा की राजनीतिक विरासत को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के पुराने नेता, जो साइकिल चलाते थे, अब नहीं रहे और अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव की राजनीतिक विरासत को ठीक से संभाल नहीं पाए। पोस्ट के आखिर में उन्होंने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि 2027 में सपा साफ हो जाएगी।

कन्नौज सपा PDA सम्मेलन में क्यों नहीं जुटी भीड़? संगठन पर उठे सवाल

दरअसल, शनिवार को कन्नौज स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में PDA सम्मेलन आयोजित किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में अपेक्षा के मुताबिक कार्यकर्ता नहीं पहुंचे। सम्मेलन के दौरान खाली कुर्सियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पार्टी संगठन की सक्रियता पर सवाल उठने लगे। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष ने सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने के लिए जिला संगठन और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों को जिम्मेदार माना। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी।

सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान हटाए गए, जिला कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठन भंग

सम्मेलन में कम भीड़ जुटने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने संगठनात्मक कार्रवाई की। रविवार को जारी पत्र में कन्नौज के जिलाध्यक्ष कलीम खान को पद से हटाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही जिला कार्यकारिणी और विभिन्न फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद कन्नौज में सपा संगठन की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर के बयान ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई और राजभर के तंज पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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