सुब्रत पाठक ने यहां तक कह दिया कि अगर वह अखिलेश यादव को चुनाव हराने में कामयाब नहीं हुए, तो राजनीति छोड़ देंगे। उनके इस बयान के बाद कन्नौज की सियासत में हलचल बढ़ गई है। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी इस चुनौती पर क्या जवाब देती है।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर सुब्रत पाठक का तीखा हमला
बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के पास कोई ऐसा योग्य उम्मीदवार नहीं है, जो अपने दम पर चुनाव लड़ सके। इसी वजह से अखिलेश यादव को खुद चुनावी मैदान में उतरना पड़ता है।
पाठक के इस बयान को समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति और नेतृत्व पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है। उनके बयान के बाद कन्नौज में बीजेपी और सपा के समर्थकों के बीच नई बहस शुरू हो सकती है।
PDA सम्मेलन पर भी बीजेपी नेता ने कसा तंज, सपा की ताकत पर उठाए सवाल
सुब्रत पाठक ने समाजवादी पार्टी के PDA सम्मेलन को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि सम्मेलन में 100 कुर्सियां तक नहीं भर पा रहे हैं, तो चुनाव कैसे लड़ेंगे?
PDA समाजवादी पार्टी की पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लाने की राजनीतिक रणनीति से जुड़ा है। सुब्रत पाठक के बयान को सपा के जनाधार और उसके सम्मेलनों में जुटने वाली भीड़ पर सवाल उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
उनकी इस टिप्पणी से दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। खासकर कन्नौज में, जहां अखिलेश यादव और सुब्रत पाठक के बीच चुनावी मुकाबला पहले भी चर्चा में रहा है।
2024 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने सुब्रत पाठक को दी थी करारी शिकस्त
सुब्रत पाठक की इस चुनौती के बीच 2024 के लोकसभा चुनाव का नतीजा भी चर्चा में आ गया है। उस चुनाव में अखिलेश यादव ने कन्नौज सीट से बीजेपी उम्मीदवार सुब्रत पाठक को करीब 1 लाख 70 हजार 76 वोटों से हराया था।
अखिलेश यादव की इस जीत के बाद कन्नौज लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो गया था। ऐसे में सुब्रत पाठक का ताजा बयान पिछले चुनाव के नतीजे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा को हवा दे रहा है।
कन्नौज की राजनीति में बढ़ी हलचल, अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार
सुब्रत पाठक के खुले चैलेंज के बाद अब सबकी नजर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर है। बीजेपी नेता ने जिस तरह कन्नौज की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है, उससे आने वाले चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमा सकता है।
फिलहाल अखिलेश यादव की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इस चुनौती का जवाब बयान से देती है या चुनावी मैदान में उतरकर।
