ऑनलाइन पेशी के दौरान हुई सजा पर बहस
सजा सुनाए जाने से पहले रविता और अमरदीप को ऑनलाइन माध्यम से अदालत में पेश किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने सजा को लेकर अपनी-अपनी दलीलें रखीं। आरोपियों के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की और कम सजा देने की मांग की।
वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील ने हत्या को बेहद क्रूर और गंभीर अपराध बताते हुए दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह की वारदात को देखते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को मौत की सजा सुनाई।
अमित कश्यप की हत्या को सांप के काटने का हादसा दिखाने की साजिश
यह सनसनीखेज घटना 17 अप्रैल 2025 की रात की बताई गई है। मामले के मुताबिक, रविता के अमरदीप के साथ प्रेम संबंध थे। आरोप है कि दोनों ने अमित कश्यप को रास्ते से हटाने के लिए मिलकर साजिश रची।
योजना के तहत पहले अमित की गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद हत्या को छिपाने और उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए कमरे में सांप छोड़ दिया गया। आरोपियों की कोशिश थी कि अमित की मौत को सामान्य हादसा समझा जाए और किसी को हत्या का शक न हो।
हालांकि, मामले की जांच और अदालत में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उनके लिए सबसे कड़ी सजा का फैसला सुनाया।
सांप हत्याकांड के फैसले से पीड़ित परिवार को मिली राहत
फैसले के दिन अमित कश्यप की मां मुनेश देवी और परिवार के दूसरे सदस्य अदालत पहुंचे थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटे की हत्या करने वालों को सख्त सजा मिलेगी। अदालत का फैसला आने के बाद परिजनों ने राहत जताई।
परिवार की भावनाएं इस फैसले के साथ जुड़ी थीं। बेटे को खोने के बाद लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों ने कहा कि आखिरकार एक मां को इंसाफ मिला है।
देशभर में फिर चर्चा में आया मेरठ का सांप हत्याकांड
अदालत के फैसले के बाद मेरठ का यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पति की हत्या कर उसे सांप के काटने का रूप देने की साजिश ने लोगों को हैरान कर दिया है। मामले में सुनाई गई मौत की सजा को अपराध की गंभीरता के लिहाज से बेहद कड़ा फैसला माना जा रहा है।
हालांकि, मृत्युदंड सुनाए जाने का मतलब यह नहीं है कि सजा पर अमल तुरंत हो जाएगा। आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील का रास्ता भी कानून के तहत उपलब्ध रहता है।
