यूपी वोटर लिस्ट में 13 लाख नामों पर संजय सिंह ने उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि SIR से पहले उत्तर प्रदेश में करीब 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे और पुनरीक्षण के दौरान लगभग 2 करोड़ 90 लाख नाम कटने की बात सामने आई। उनके मुताबिक, नाम जोड़ने के लिए 84 लाख और नाम हटाने के लिए 4 लाख 30 हजार आवेदन आए।
उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक जानकारी में 71 लाख 13 हजार नाम जोड़े जाने का जिक्र है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी 13 लाख नाम किसके हैं और किन बूथों पर जोड़े गए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इन नामों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। उन्होंने आयोग से नाम जोड़ने की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की। ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।
85 हजार वोट बिना कारण काटने का आरोप
संजय सिंह ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि नाम काटने के 4 लाख 30 हजार आवेदनों में से 85 हजार नाम बिना स्पष्ट कारण बताए हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि कुछ फॉर्म स्वतः तैयार किए गए बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर गलत तरीके से नाम हटाए गए, तो मतदाता चुनाव से पहले अपने अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
तरबगंज में एक नाम से 188 आवेदन
संजय सिंह ने गोंडा जिले की तरबगंज विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि रेशमा नाम की महिला के नाम से 188 मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए। उनका दावा है कि महिला के बारे में जानकारी जुटाने पर उसका पता नहीं चल सका। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने बाबूराम, निशा, धीरज कुमार भारती और अन्य लोगों के नाम से भी बड़ी संख्या में आवेदन आने का जिक्र किया। संजय सिंह के मुताबिक, इन आवेदनों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि आवेदन किसने दिए और उनकी सत्यता कैसे जांची गई।
बूथवार वोटर लिस्ट का ब्योरा सार्वजनिक करे चुनाव आयोग
AAP सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के बयानों का हवाला देते हुए बूथवार नए मतदाताओं की संख्या और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।
संजय सिंह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां भी नाम काटने के आवेदनों को लेकर शिकायतें उठाई गई थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विपक्षी दलों से यूपी में मतदाता सूची की जांच के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की।
फैजुल्लागंज के बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ के बाद पैदा हुए हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को बीमारी, भोजन और बुनियादी सुविधाओं की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन, साफ-सफाई और आवागमन की व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने की मांग की।
AAP ने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, नाम जोड़ने और हटाने की जानकारी सार्वजनिक की जाए और बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाई जाए। संजय सिंह ने कहा कि मताधिकार की रक्षा और संकट में फंसे लोगों की सहायता सरकार की जिम्मेदारी है।
