UP News: CM योगी का बड़ा बयान; राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए संतों को भी शस्त्र उठाने के लिए रहना होगा तैयार

UP News: वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र और धर्म की रक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शस्त्र सिर्फ पूजा करने की वस्तु नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्र की रक्षा के लिए इन्हें धारण करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। देश और धर्म की रक्षा के लिए किया गया हर त्याग महान होता है। सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संन्यासी कभी धन के लिए धर्म का त्याग नहीं करता। उसका पूरा जीवन धर्म और समाज की सेवा के लिए समर्पित होता है। हालांकि, जब युद्ध की स्थिति पैदा हो जाए और राष्ट्र की रक्षा का सवाल हो, तो संन्यासियों को भी शस्त्र उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांति के समय संयम, आपसी सौहार्द और लोककल्याण जरूरी है, लेकिन देश और धर्म पर संकट आने पर संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए।

भारत सेवाश्रम संघ में शस्त्रों से भी होती है मां भगवती की पूजा

सीएम योगी ने भारत सेवाश्रम संघ की परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां मां भगवती की पूजा सिर्फ धूप और दीप जलाकर नहीं की जाती, बल्कि शस्त्रों का पूजन भी होता है। यह परंपरा राष्ट्र की सुरक्षा और धर्म की रक्षा के संकल्प को दर्शाती है।

उन्होंने संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश-विदेश में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा का प्रचार-प्रसार किया। स्वामी प्रणवानंद ने गोरखपुर में गोरक्षपीठ के तत्कालीन सिद्धयोगी बाबा गंभीरनाथ से दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने काशी में भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना की। आज यह संस्था देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी शाखाओं के जरिए सेवा कार्य कर रही है।

राष्ट्र संकट में हो तो संस्कृति और धार्मिक विरासत पर भी खतरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है, तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी खतरे में पड़ जाती है। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं के हमलों ने देश की धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते, तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस होता? क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ साल तक गुलामी का कलंक बना रहता? सीएम योगी ने कहा कि इतिहास से सबक लेकर समाज को एकजुट रहना चाहिए, ताकि देश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक विरासत सुरक्षित रहे।

आपसी बंटवारे से देश को हुआ नुकसान, राष्ट्रीय चेतना पर दिया जोर

सीएम योगी ने कहा कि आपसी बंटवारे का खामियाजा देश को लंबे समय तक भुगतना पड़ा। इसी स्थिति को बदलने के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ा और समाज को जागरूक करने का काम किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, ये कार्य राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और लंबे समय से चले आ रहे संकल्पों का परिणाम हैं।

भारत सेवाश्रम संघ ने 100 परिवारों को दी सिलाई मशीनें

शताब्दी समारोह के दौरान भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें दी गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पांच परिवारों को मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देते हैं।

सीएम योगी ने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शांति के समय जरूरतमंदों की सेवा करना और समाज को मजबूत बनाना ही आध्यात्मिक साधना की असली सार्थकता है।

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