भवानी भीख शुक्ला के साथ उनके बेटे श्रीभगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम को गोंडा की स्थानीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव के साथ फोटो से पहले ही मिलने लगे थे संकेत
भवानी भीख शुक्ला के सपा में जाने की चर्चा बुधवार को उस समय तेज हो गई थी, जब कृष्ण भगवान शुक्ला ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की। इस फोटो में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनके पिता और भाई नजर आ रहे थे। तस्वीर सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में परिवार के सपा में शामिल होने की अटकलें लगने लगी थीं।
बाद में अखिलेश यादव की मौजूदगी में परिवार के सभी सदस्यों ने सपा की सदस्यता ले ली। इससे इन चर्चाओं पर विराम लग गया। हालांकि, परिवार के पार्टी बदलने के पीछे की वजह को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ब्लॉक परिसर में मारपीट की घटना के बाद बढ़ी थीं दूरियां
भवानी भीख शुक्ला और उनके परिवार के सपा में जाने की पृष्ठभूमि करीब एक साल पहले हुई ब्लॉक परिसर की एक घटना से भी जोड़कर देखी जा रही है। उस समय कटरा बाजार ब्लॉक परिसर में मौजूदा विधायक के समर्थकों और ब्लॉक प्रमुख जुगरानी के बेटों के बीच बैठक को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया था।
बताया जाता है कि ब्लॉक प्रमुख के बेटे विष्णु भगवान शुक्ल उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी थे और संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर तैयारी बैठक कर रहे थे। वहीं, विधायक समर्थक जीएसटी को लेकर धन्यवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई थी।
छह घंटे तक ब्लॉक परिसर में बना रहा तनाव
मारपीट की इस घटना में विष्णु भगवान शुक्ल के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा था, जहां वह करीब एक सप्ताह तक रहे। घटना के बाद ब्लॉक परिसर में लगभग छह घंटे तक अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा था।
मुकदमा दर्ज कराने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विधायक अपने समर्थकों के साथ ब्लॉक सभागार में डटे थे, जबकि ब्लॉक प्रमुख अपने समर्थकों के साथ मैदान में मौजूद थीं। काफी देर तक चली खींचतान के बाद प्रदेश के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए।
गोंडा की राजनीति में सपा की एंट्री पर चर्चा तेज
इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होने को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। अब भवानी भीख शुक्ला और उनके पांच बेटों के सपा में शामिल होने के बाद एक बार फिर पुरानी घटना और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की चर्चा होने लगी है।
फिलहाल, इस राजनीतिक बदलाव का कटरा बाजार और गोंडा की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। लेकिन एक साथ पिता और पांच बेटों के सपा में शामिल होने से जिले में सियासी हलचल जरूर बढ़ गई है।
