एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर ट्रेन को उड़ाने की कोशिश
कानपुर में लगातार तीसरी बार ट्रेन पर साजिश का प्रयास किया गया है, जिसमें हर बार ट्रेन को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई है। इस बार प्रयागराज से भिवनैं के लिए रवाना हुई कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया गया। कानपुर के शिवराजपुर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक एलपीजी गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील पदार्थ रखे गए थे, जिससे ट्रेन को धमाके के साथ उड़ाने की कोशिश की गई।
ट्रैक पर रखे सिलेंडर ने पैदा किया संकट
यह घटना कानपुर सेंट्रल से लगभग 30 किलोमीटर दूर शिवराजपुर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक की है। रात 8.30 बजे कालिंदी एक्सप्रेस जब इस क्षेत्र से गुजर रही थी, तो ट्रैक पर एक एलपीजी गैस सिलेंडर और एक कांच की बोतल में ज्वलनशील पदार्थ रखा गया था। ट्रेन के ड्राइवर ने पटरी पर रखा सिलेंडर देखा और तुरंत एमरजेंसी ब्रेक लगाया। हालांकि, ट्रेन की तेज रफ्तार के कारण इंजन सिलेंडर से टकरा गया, जिससे सिलेंडर उछलकर दूर गिर गया।
बड़ी घटना टली, ट्रेन को रोका गया
गनीमत रही कि सिलेंडर से धमाका नहीं हुआ, वरना ट्रैक उखड़कर ट्रेन को पटरी से उतार सकता था। ट्रेन को एक घंटे तक रोका गया और घटना की सूचना अधिकारियों को दी गई। इस बीच, सभी यात्री दहशत में आ गए। रेलवे, पुलिस, और जीआरपी के अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और साक्ष्य इकट्ठा किए। भरा हुआ गैस सिलेंडर और अन्य संदिग्ध सामग्री को जब्त कर लिया गया।
आतंकी साजिश की संभावना पर जांच जारी
जांच के दौरान, फोरेंसिक टीमें और डॉग स्क्वायड भी मौके पर मौजूद रहे। अपर पुलिस आयुक्त हरीश चंद्र ने पुष्टि की कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और रेलवे लाइन को ठीक कर ट्रेन को रवाना कर दिया गया। संदिग्ध सामग्री की जब्ती और जांच जारी है, और रेलवे टीम भी बारीकी से मामले की जांच कर रही है।
पिछली घटनाओं की पुनरावृत्ति
इस घटना से पहले, गुजैनी रेलवे ट्रैक पर 40 फीट की ऊंचाई से एक ट्रक रेल लाइन पर गिर गया था, जिससे चित्रकूट एक्सप्रेस के गुजरने पर बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा, गोविंदपुरी स्टेशन के पास संदिग्ध वस्तु से टकराने के कारण साबरमती एक्सप्रेस की 22 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। ये घटनाएं एक बड़ी साजिश के इशारे के रूप में देखी जा रही हैं, और सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं की गहराई से जांच कर रही हैं।
