योगी आदित्यनाथ की तारीफ में अमित शाह ने पढ़े कसीदे
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश से माफिया का सफाया किया गया है और अब यहां कठोर होने के साथ-साथ पारदर्शी शासन भी देखने को मिल रहा है।
अमित शाह के मुताबिक, योगी सरकार की सख्ती का ही नतीजा है कि उत्तर प्रदेश अब विकास और सुरक्षा के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जिस प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था के कारण होती थी, आज वही प्रदेश निवेश और रोजगार के मामले में आगे बढ़ रहा है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं को अमित शाह की नसीहत
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया कि अभी आराम करने या चुनावी तैयारी में ढिलाई बरतने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प लेकर सभी को मैदान में उतरना होगा।
उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और जीत के संकल्प के साथ चुनावी अभियान में जुटने की अपील की। अमित शाह ने संगठनात्मक अनुशासन पर भी जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से खास तौर पर अनुरोध किया कि बैठक के दौरान फेसबुक लाइव न करें और पार्टी के कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखें।
यूपी में अपराध के आंकड़े गिनाए
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों के दौरान हुए बदलावों का जिक्र करते हुए अपराध के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लूट की घटनाओं में 74 फीसदी, डकैती में 80 फीसदी, दंगों में 70 फीसदी और रंगदारी की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, जिससे निवेश का माहौल बना। जब प्रदेश में निवेश आया तो नए रोजगार के अवसर पैदा हुए और लोगों का पलायन भी रुका। अमित शाह ने इन बदलावों को बीजेपी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
अखिलेश यादव पर अमित शाह का सीधा हमला
अपने भाषण में अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश बाबू को जनता कभी माफ नहीं करेगी। इस दौरान उन्होंने 30 अक्टूबर की तारीख को ऐतिहासिक बताते हुए वर्ष 1990 में अयोध्या में कारसेवकों और रामभक्तों पर हुई पुलिस फायरिंग की घटना का जिक्र किया।
अमित शाह ने इस घटना को याद करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री और अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को जनता अब अच्छी तरह पहचान चुकी है। उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राम मंदिर से अनुच्छेद 370 तक का जिक्र
अमित शाह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए राम मंदिर निर्माण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि करीब 500 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया।
इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक की प्रथा खत्म करने के फैसले का भी जिक्र किया। अमित शाह ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 हटाने की बात हुई थी, तब विरोधियों ने देश में खून की नदियां बहने की आशंका जताई थी। लेकिन मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया।
2027 चुनाव से पहले बीजेपी ने बढ़ाई तैयारी
लखनऊ की इस बैठक में अमित शाह का पूरा जोर बीजेपी को तीसरी बार सत्ता में लाने पर रहा। उन्होंने योगी सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, राम मंदिर और केंद्र सरकार के फैसलों को पार्टी की चुनावी ताकत के रूप में पेश किया। उनके भाषण से साफ संकेत मिला कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में विकास, सुरक्षा और हिंदुत्व के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
