Swargate: स्वर्गेट से काटराज तक भूमिगत मेट्रो मार्ग पर काम दिसंबर से शुरू होगा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद यह महत्वपूर्ण परियोजना अब अपनी दिशा में आगे बढ़ रही है। पुणे मेट्रो के चरण-1 के अंतर्गत स्वर्गेट से काटराज तक का यह विस्तार, पीसीएमसी-स्वरगेट मेट्रो लाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
परियोजना की विशेषताएँ और समयसीमा
महाराष्ट्र मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) ने इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। स्वर्गेट से काटराज तक के इस भूमिगत मार्ग पर काम दिसंबर से शुरू होगा, जैसे ही निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। महा-मेट्रो के कार्य निदेशक अतुल गाडगिल ने बताया कि टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का काम स्वर्गेट तक पूरा हो चुका है, और अब निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी।
स्टेशनों की योजना और सुविधा
इस परियोजना के तहत तीन प्रमुख स्टेशनों की योजना बनाई गई है: मार्केट यार्ड, पद्मावती, और कटराज। संशोधित योजना के अनुसार, बालाजी नगर क्षेत्र में एक चौथा स्टेशन भी जोड़ा जाएगा। मेट्रो के भूमिगत होने के कारण, स्टेशन के प्रवेश और निकास के लिए सीमित स्थान की आवश्यकता होगी। कटराज स्टेशन कटराज पुलिस स्टेशन के पास स्थित होगा, और भारती विद्यापीठ की ज़मीन का उपयोग स्टेशन की सीढ़ियों के लिए किया जाएगा।
वित्तीय पहलू और सरकारी योगदान
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2,954.53 करोड़ है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार समान रूप से वित्तपोषण करेंगे। इसके अतिरिक्त, द्विपक्षीय एजेंसियों का भी योगदान होगा। केंद्र सरकार इस परियोजना में अनुदान देने के बजाय इक्विटी शेयर मॉडल के जरिए भाग लेगी।
परियोजना का महत्व और आगे की योजना
स्वर्गेट से काटराज तक के इस मेट्रो विस्तार का उद्देश्य पुणे के परिवहन नेटवर्क को और अधिक सक्षम और सुविधाजनक बनाना है। यह परियोजना विधानसभा चुनावों से पहले महायुति सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी है। देरी के कारण कुछ तकनीकी कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब उन्हें वापस बुलाकर काम की गति को तेज किया जाएगा।
इस परियोजना की सफलता से पुणे में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रा को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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