NDMC: नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने चाणक्यपुरी में स्थित नेहरू पार्क के जल निकाय के जीर्णोद्धार के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव पेश किया है। इस परियोजना के तहत, जल निकाय के पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए जैव-उपचार तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे शैवाल की समस्या और गंध को नियंत्रित किया जा सकेगा। यह कार्य तीन महीने में पूरा होने की संभावना है।
NDMC: परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ
- जैव-उपचार तकनीक: एनडीएमसी का लक्ष्य जल निकाय में पानी की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसमें शैवाल को हटाना और गंध को नियंत्रित करना शामिल है। जैव-उपचार प्रक्रिया के तहत प्राकृतिक शैवालनाशक और बायो-फ्रेश एंजाइम का उपयोग किया जाएगा।
- फूलों वाले जलीय पौधे और फव्वारे: परियोजना के हिस्से के रूप में, पार्क के जल निकाय को सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए फूलों वाले जलीय पौधे और फव्वारे लगाए जाएंगे।
- रखरखाव और पर्यवेक्षण: परियोजना के तहत एक समर्पित ऑपरेटर को नियुक्त किया जाएगा, जो जलाशय की नियमित देखरेख, पौधों की छंटाई और संदूषण की सफाई सुनिश्चित करेगा।
- सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक और साइकिलिंग ट्रैक: हाल के वर्षों में, नेहरू पार्क में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें 3 किमी लंबा सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक और 2.7 किमी लंबा साइकिलिंग ट्रैक शामिल हैं। पार्क में 200 लैंप पोस्ट भी स्थापित किए गए हैं।
NDMC:नेहरू पार्क का महत्व
नेहरू पार्क, जो 1965 में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा उद्घाटन किया गया था, 75 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह पार्क विभिन्न दूतावासों और राजनयिकों के आवास के पास स्थित है और यह मध्य दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान के रूप में कार्य करता है।
भविष्य की योजनाएँ
एनडीएमसी की इस परियोजना से पार्क के जल निकाय की सुंदरता और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस परियोजना के तहत किए जा रहे कार्य न केवल जल निकाय के सौंदर्यीकरण में सहायक होंगे बल्कि पर्यावरण के प्रति भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
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