अंग दान: जीवन और मृत्यु के बाद भी दूसरों की जिंदगी बचाने का अवसर

World Organ Donation Day 2024: अंग दान के महत्व को समझते हुए भी कई लोग इसे करने से कतराते हैं, क्योंकि इसे लेकर उनके मन में कई तरह के सवाल होते हैं। इसी विषय पर सर्वोदय हॉस्पिटल, फरीदाबाद के नेफ्रोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांटेशन विभाग के एचओडी और डायरेक्टर डॉ. तनमय पांडया ने अपनी विशेषज्ञ राय दी और कई जरूरी जानकारियां साझा कीं।

डॉ. तनमय पांडया ने बताया कि अंग दान न केवल मृत्यु के बाद बल्कि जीवन के दौरान भी किया जा सकता है। जीवन में रहते हुए डोनर अपनी किडनी में से एक, लिवर का एक हिस्सा और फेफड़े का एक हिस्सा दान कर सकते हैं। इसके अलावा, मृत्यु के बाद हृदय, फेफड़े, पैनक्रियाज और कॉर्निया जैसे अंगों को दान किया जा सकता है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

अंग दान को लेकर असमंजस का कारण:

अक्सर लोग अंग दान के बाद किसी प्रकार की शारीरिक दिक्कत या परेशानी का सामना करने की चिंता करते हैं। इसके अलावा, सामाजिक और धार्मिक धारणाएं भी इस निर्णय को प्रभावित करती हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि अंग दान से न केवल दूसरों की जिंदगी बचाई जा सकती है, बल्कि दानकर्ता की मानसिक और भावनात्मक संतुष्टि भी होती है।

अंत में, डॉ. पांडया ने लोगों से अपील की कि वे अंग दान को लेकर जागरूकता बढ़ाएं और इस महान कार्य में हिस्सा लेकर दूसरों की जिंदगी बचाने में योगदान दें।

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