DELHI: की अदालत ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 20 अगस्त तक बढ़ा दी है। यह निर्णय सीबीआई द्वारा दर्ज की गई आबकारी नीति मामले में लिया गया है। केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के सामने पेश किया गया।
दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने केस दर्ज किया था। इस मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत गुरुवार को समाप्त हो गई थी, लेकिन अदालत ने इसे 20 अगस्त तक बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनके अंतरिम संरक्षण के अनुरोध को खारिज कर दिया था। उन्हें 26 जून को दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट से सीबीआई ने हिरासत में लिया और 29 जून को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
30 जुलाई को सीबीआई ने चौथा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें केजरीवाल को मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल किया गया। आरोपपत्र फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और 12 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को ईडी मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी, लेकिन वे सीबीआई द्वारा गिरफ्तार होने के कारण अभी भी जेल में हैं। 20 जून को ईडी मामले में उन्हें जमानत दी गई थी, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने 25 जून को जमानत पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए 10 मई से 1 जून तक अंतरिम जमानत दी थी।
केजरीवाल ने सीबीआई मामले में जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने 5 अगस्त को उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।
केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे आप नेता हैं।
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