NEET-PG 2024: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को एक पत्र लिखकर NEET-PG 2024 परीक्षा को लेकर उठ रही समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। थरूर ने इस पत्र में NEET-PG उम्मीदवारों को सामने आ रही यात्रा संबंधी चुनौतियों और परीक्षा केंद्रों तक पहुँच की समस्याओं पर ध्यान दिलाया है।
यात्रा और केंद्रों की समस्या
थरूर ने बताया कि NEET-PG परीक्षा के लिए कई उम्मीदवारों को अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ रही है। प्रतिकूल मौसम की स्थिति, टिकट उपलब्धता की समस्या और किफायती आवास की कमी इन समस्याओं को और बढ़ा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा करानी है, तो हर राज्य में पर्याप्त परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि उम्मीदवार अपने शिक्षा या निवास स्थान से करीब के केंद्रों पर परीक्षा दे सकें।
परीक्षा की शिफ्टों की आलोचना
थरूर ने NEET-PG 2024 की परीक्षा को दो शिफ्टों में आयोजित करने के निर्णय की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने से एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है। उनका मानना है कि जब तक पूरे भारत में एक ही तारीख को एक ही परीक्षा नहीं होगी, तब तक राष्ट्रीय परीक्षा का पूरा विचार ही व्यर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शहरों में परीक्षा आयोजित की जानी है, उनकी संख्या में काफी कमी की गई है, जिससे समस्या और भी बढ़ गई है।
परीक्षा स्थगन और एनबीईएमएस का बचाव
NEET-PG 2024 परीक्षा को 22 जून को स्थगित कर दिया गया। एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ ने परीक्षा की मौजूदा व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि बेहतर निगरानी के लिए निजी उद्यमियों को परीक्षा केंद्रों में शामिल नहीं किया गया है। परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को उनके दिए गए पते के अनुसार राज्य में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में दावा किया गया है कि उम्मीदवारों को ऐसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जहाँ पहुँचना बेहद असुविधाजनक है और अंकों के सामान्यीकरण की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और अन्य न्यायाधीशों ने इस मामले पर वकील अनस तनवीर की दलीलों पर गौर किया है।
निष्कर्ष
NEET-PG 2024 परीक्षा के आयोजन में सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए यह जरूरी हो जाता है कि परीक्षा प्रबंधन इन मुद्दों को गंभीरता से ले और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करे। थरूर का पत्र और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
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