Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी।
Supreme Court: क्या है पूरा मामला?
अरविंद केजरीवाल, जो 21 मार्च से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से हिरासत में हैं, ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय के 5 अगस्त के फैसले के खिलाफ दायर इस याचिका में केजरीवाल ने अंतरिम जमानत की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया।
Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुइयां की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी की दलीलें सुनने के बाद कहा, “हम कोई अंतरिम जमानत नहीं दे रहे हैं। हम नोटिस जारी करेंगे।” पीठ ने यह भी कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई 23 अगस्त को की जाएगी।
सिसोदिया मामले का संदर्भ
अरविंद केजरीवाल की याचिका में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मामले का उल्लेख किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सिसोदिया को जमानत दी थी, जिसमें कहा गया था कि उनकी 17 महीने की लंबी कैद संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
केजरीवाल की याचिका में यह तर्क दिया गया है कि सिसोदिया को जमानत मिलने के जो आधार थे, वे केजरीवाल के मामले में भी लागू होने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय आम आदमी पार्टी (आप) के लिए एक बड़ा झटका है, जो केजरीवाल की रिहाई के लिए जोर दे रही थी। इस मामले का राजनीतिक और कानूनी महत्व काफी ज्यादा है, और आगामी सुनवाई में क्या होता है, इस पर सबकी नजरें होंगी।
निष्कर्ष
अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिल पाई है। हालांकि, यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है
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