Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। भूस्खलन के परिणामस्वरूप मौत की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस दुर्घटना के पश्चात, वायनाड के प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी बचाव और राहत अभियान सोमवार से लेकर सातवें दिन भी लगातार जारी रहा है।भूस्खलन के बाद स्थानीय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की है और प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने के लिए समर्पित हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात्रि में गश्त शुरू की है।
सामूहिक अंतिम संस्कार किया
30 जुलाई को वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई में हुए भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। इस दुर्घटना में बहुत से लोगों की जान गई और मालकिन नुकसान हुआ। रविवार रात तक जिला प्रशासन ने भूस्खलन में मारे गए अनजान लोगों के पार्थिव शरीरों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पहले ही जिला प्रशासन को सभी धर्मों की प्रार्थना के साथ सम्मानपूर्ण अंत्येष्टि का आदेश दिया था। उन्होंने इसके पहले सूचित किया कि चूरलमाला और मुंडक्कई में पुलिस द्वारा रात में पटरीबाजी शुरू कर दी गई है।
अब तक 387 की मौत, 180 लापता
समाचार एजेंसी, पीटीआई के मुताबिक 2 अगस्त तक मरने वालों की संख्या 387 हो गई है। रविवार तक 220 शव बरामद किए जा चुके हैं और 180 लोग अभी भी लापता हैं।राहत अभियान के तहत वायनाड में कुल 53 शिविर स्थापित किए गए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, जिले भर में 1983 परिवारों, 2501 पुरुषों, 2677 महिलाओं, 1581 बच्चों और 20 गर्भवती महिलाओं सहित 6759 लोगों को इन शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।सरकार ने मेप्पाडी और अन्य ग्राम पंचायतों में 16 शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें 9 आश्रय और 7 बचाव शिविर शामिल हैं।
