Sawan Shivratri 2024:सावन शिवरात्रि, जो भगवान शिव की आराधना का प्रमुख अवसर है, इस साल 2 अगस्त 2024 को विशेष धूमधाम से मनाई जाएगी। यह पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है, और भक्तों के बीच इसका विशेष महत्व है।सावन माह, जो जुलाई और अगस्त के बीच होता है, एक पवित्र समय माना जाता है जब श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा और व्रत रखते हैं। सावन शिवरात्रि के दिन, भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं ताकि उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। यह दिन व्रति करने वालों के लिए तप और श्रद्धा का समय होता है।इस दिन मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होते हैं। भक्त नंगे पांव चलकर शिव मंदिरों की ओर बढ़ते हैं और अपने पापों की मुक्ति के लिए भगवान शिव की आराधना करते हैं।
ये 42 मिनट हैं सबसे ज्यादा शुभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन शिवरात्रि के दिन निशिता काल में भोलेनाथ की पूजा का शुभ समय शिवरात्रि के दिन देर रात 12 बजकर 6 मिनट से लेकर रात के 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इसलिए इस शिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों को 42 मिनट का शुभ समय मिलेगा. जिसमें पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होगी.
पूजन समय
शिवरात्रि पारण समय – 3 अगस्त, 2024 सुबह 05 बजकर 23 मिनट से दोपहर 03 बजकर 08 मिनट तक
रात्रि प्रथम प्रहर की पूजा का समय – 2 अगस्त, 2024 शाम 06 बजकर 23 मिनट से रात्रि 09 बजकर 08 मिनट तक
निशिता काल पूजा समय – 2 अगस्त, 2024 रात्रि 11 बजकर 31 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 15 मिनट तक।
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक।
भोग – भांग के पकौड़े और ठंडई।
अर्पित करें शिव जी की प्रिय चीजें – बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल।
गलती से भी न चढ़ाएं ये चीजें – केतकी का फूल और हल्दी।
इन बातों का रखें ध्यान
इस शुभ त्योहार पर भक्त सख्त उपवास का पालन करें।
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस शुभ दिन पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक अवश्य करें।
इस दिन पर भगवान शिव की पूजा के साथ लोग विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां भी करते हैं।
इस तिथि पर भगवान शिव से जुड़े विभिन्न मंत्रों जैसे पंचाक्षरी मंत्र और महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए शिव मंदिर अवश्य जाएं।
शिवरात्रि का दिन शिव पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है, इसलिए भाव के साथ पूजा-अर्चना करें।
इस दिन तामसिक चीजों से परहेज करें।
इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
गलती से भी किसी तामसिक भोजन को ग्रहण न करें।
इसके अलावा अभी कांवड़ यात्रा चल रही है, ऐसे में इन शिवभक्तों की मदद करें।
