Mamta Mohanta: हाल ही में संपन्न ओडिशा विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य में बीजू जनता दल (बीजेडी) के मजबूत गढ़ में सफलतापूर्वक सेंध लगाई है। इस बदलाव के साथ, बीजेपी ने राज्य के राजनीतिक समीकरण को अपने पक्ष में लाने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। 31 जुलाई 2024 को बीजेडी की राज्यसभा सांसद ममता मोहंता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने तुरंत मंजूर कर लिया।
1 अगस्त 2024 को, ममता मोहंता ने बीजेडी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण की। बीजेडी के साथ अपने संबंधों को समाप्त करने के बाद, मोहंता ने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। ममता मोहंता ने साल 2020 में राज्यसभा में अपनी सदस्यता शुरू की थी, और उनका कार्यकाल 2026 तक जारी रहने वाला था।
ममता मोहंता के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर अब नए चुनाव होंगे। ओडिशा विधानसभा में सदस्य संख्या के गणित के अनुसार, यह सीट बीजेपी के पक्ष में जाने की संभावना है। वर्तमान में, ओडिशा में राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं, और बीजेपी के पास यहां केवल एक सांसद है।
राज्यसभा के मौजूदा गणित के अनुसार, उच्च सदन में कुल 245 सदस्य होने चाहिए, लेकिन फिलहाल 225 सांसद ही सक्रिय हैं। बीजेपी के पास वर्तमान में राज्यसभा में 86 सांसद हैं, और एनडीए के सहयोगियों को मिलाकर यह आंकड़ा 101 तक पहुंचता है। यह संख्या बहुमत के आंकड़े 113 से कम है। इसलिए, राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंचने के लिए ओडिशा से मिलने वाली सीटें बीजेपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
बीजेपी में शामिल होने के बाद, ममता मोहंता ने अपनी टिप्पणी में कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों की सेवा करने के आदर्शों से प्रेरित होकर बीजेपी में शामिल हुई हूं। यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है और मैंने इसे किसी साजिश के तहत नहीं किया है।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें बीजेडी में लंबे समय से उपेक्षित महसूस किया जा रहा था, जिसने उन्हें बीजेपी में शामिल होने के निर्णय की ओर प्रेरित किया।
ममता मोहंता ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करते समय पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर की उपस्थिति में यह कदम उठाया। उनके इस कदम ने बीजेपी को ओडिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लाभ प्रदान किया है और राज्यसभा में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
ममता मोहंता का बीजेडी से इस्तीफा और बीजेपी में शामिल होना ओडिशा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। बीजेपी ने इस बदलाव के साथ अपने राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
