Ayodhya: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद से अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर तेजी से बन रहा है। मंदिर के संपूर्ण निर्माण कार्य को दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, मंदिर का प्रथम चरण पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। 22 जनवरी 2024 को, प्रभु राम अपने मंदिर में विराजमान हो चुके हैं, जो भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक और दिव्य क्षण था।
दान और निधि समर्पण की जानकारी
राम मंदिर के निर्माण के लिए भक्तों का उत्साह अपार है। प्रतिदिन लाखों भक्त दान कर रहे हैं और दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन के बाद से, रामलला के भक्तों ने अब तक लगभग 55 अरब रुपए से अधिक की निधि समर्पित की है। यह दान लगातार बढ़ रहा है, और भक्तों की भावनाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
2021 का निधि समर्पण अभियान और विदेश से दान
2021 में चलाए गए निधि समर्पण अभियान में, राम मंदिर ट्रस्ट को लगभग 3500 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ था। इस अभियान के दौरान देशभर से और विदेशों से भी दान मिला। विशेषकर, विदेशी राम भक्तों ने भी इस पवित्र कार्य में बढ़-चढ़कर योगदान किया। पिछले 10 महीनों में, विदेशी भक्तों ने लगभग 11 करोड़ रुपए दान किए हैं। ट्रस्ट ने इस दान को सही तरीके से उपयोग में लाने के लिए 10000 रसीदें छपवाई थीं, और पूरे देश में अभियान चलाया गया था।
वर्तमान दान और योगदान की स्थिति
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद से, प्रतिदिन 1 लाख रुपए से अधिक दान प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही, लगभग 3 करोड़ से अधिक राम भक्त अब तक मंदिर में दर्शन और पूजन कर चुके हैं। राम मंदिर ट्रस्ट ने दान काउंटर स्थापित किए हैं, जहाँ श्रद्धालु नगदी, चेक, आरटीजीएस और अन्य माध्यमों से दान दे रहे हैं। इसमें सोने-चांदी के आभूषण भी शामिल हैं, जो भक्तों की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक हैं।
ट्रस्ट की रिपोर्ट और विदेशी दान
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था। अब तक लगभग 4 वर्षों में, राम भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया है। ट्रस्ट ने 3500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि एकत्र की है, जो मंदिर निर्माण में खर्च की जा रही है। प्रकाश गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि विदेशी राम भक्तों ने भी दान में योगदान दिया है। कुछ महीने पहले, दिल्ली में एक विशेष अकाउंट खोला गया था, जिसमें विदेश से अब तक लगभग 11 करोड़ रुपए दान प्राप्त हुए हैं।
अंततः, योगदान की व्यापकता और भक्तों की श्रद्धा
राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और विश्वासों का प्रतीक है। भक्तों का यह व्यापक दान और योगदान दर्शाता है कि राम मंदिर केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि एक दिव्य संकल्प है, जो सभी भक्तों की सामूहिक श्रद्धा और समर्पण से पूरा हो रहा है।
