Himachal: हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में आज सुबह बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 53 अन्य लोग लापता हैं। इस विनाशकारी घटना ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में तबाही मचाई है, जिससे कई घर, स्कूल और अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत और बचाव अभियान जोरों पर है और अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है।
Himachal: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू का बयान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीसी और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “हमने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं और सेना से भी मदद मांगी है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे नहरों और नदियों के पास न जाएं। वायुसेना को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है।”
Himachal: नुकसान और बचाव कार्य
बादल फटने की वजह से मनाली से संपर्क टूट गया है और मणिकरण-भुंतर मार्ग पर सब्जी मंडी वाली इमारत ढह गई है। शिमला में समेज खड्ड के पास एक जलविद्युत परियोजना में बादल फटने से 20 लोग लापता हैं। आपदा प्रतिक्रिया दल को मौके पर भेजा गया है और उपायुक्त अनुपम कश्यप और जिला पुलिस प्रमुख संजीव गांधी सहित शीर्ष अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के समेज खड्ड में बादल फटने के बाद 19 लोग लापता हैं। एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। मंडी के डिप्टी कमिश्नर अपूर्व देवगन ने बताया कि मुहाल तेरांग के पास राजबन गांव में बादल फटने से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और भूस्खलन हुआ है। उन्होंने आदेश जारी किया कि पधार उपखंड में सभी शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बंद रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंडी में स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में भी मानसून का कहर
उत्तराखंड में भी मानसून का कहर जारी है। टिहरी गढ़वाल जिले के जखन्याली में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें कल रात बादल फटने के कारण तीन लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी।
हरिद्वार में भारी बारिश के बाद एक जर्जर घर की छत गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान आस मोहम्मद (10) और नगमा (8) के रूप में हुई है।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राहत और बचाव कार्य जारी है और सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि वे सावधानी बरतें और आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
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