Anshuman Gaekwad demise:भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण स्तंभ, पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड़, का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने 71 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। गायकवाड़ लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में चल रहा था।गायकवाड़ का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने अपने कोचिंग करियर के दौरान कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया और भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने कई प्रमुख मैचों और टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की।
जय शाह ने गहरा शोक व्यक्त किया
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने गायकवाड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “श्री अंशुमन गायकवाड़ के परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं। उनके निधन से क्रिकेट जगत को एक बड़ा धक्का लगा है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”अंशुमन गायकवाड़ का निधन क्रिकेट के सभी प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी हानि है। उनका नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा आदर के साथ लिया जाएगा और उनके योगदान को सदा याद रखा जाएगा।
ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे गायकवाड़
गायकवाड़ बीते एक साल से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। वह लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में भर्ती थे। संदीप पाटिल और भारत के एक और पूर्व बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने उनसे मुलाकात की थी। उनसे मिलने के बाद दोनों ने बीसीसीआई से अंशुमन की मदद करने की बात कही थी। इसके बाद बोर्ड ने अंशुमन गायकवाड़ के इलाज के लिए 1 करोड़ रुपये की मदद की थी।
दो बार रहे टीम इंडिया के कोच
अंशुमन भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए 1975 से लेकर 1987 तक क्रिकेट खेला। इस दौरान अंशुमन ने भारत के लिए 40 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले। वह टीम इंडिया के कोच भी रहे। उन्होंने ये जिम्मेदारी दो बार संभाली। पहली बार वह 1997 से 1999 तक टीम के कोच रहे। इसके बाद 2000 में फिर दोबारा टीम के कोच बने।
