Anurag Thakur: हाल ही में अनुराग ठाकुर की टिप्पणी ने संसद में हंगामा मचा दिया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया है, लेकिन भाजपा का कहना है कि ठाकुर की टिप्पणी पूरी तरह से संसदीय रिकॉर्ड का हिस्सा है और इसमें कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
संसदीय रिकॉर्ड का हिस्सा: ठाकुर की टिप्पणी
सूत्रों के अनुसार, अनुराग ठाकुर की टिप्पणियां संसदीय रिकॉर्ड का हिस्सा हैं और उन्हें हटाया नहीं गया है। ठाकुर ने अपने भाषण में किसी सदस्य का नाम नहीं लिया, जिससे उनकी टिप्पणियों को विशेषाधिकार हनन के नोटिस के लिए आधार नहीं माना जा रहा है। भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस सिर्फ बहानेबाजी कर रही है।
कांग्रेस की आपत्ति और भाजपा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने ठाकुर की टिप्पणियों को ट्वीट करके संसद की अवमानना की है। वहीं, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि ठाकुर ने किसी का नाम नहीं लिया और कांग्रेस जाति के आधार पर देश को बांटने की कोशिश कर रही है।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “कांग्रेस बहानेबाजी कर रही है। ठाकुर ने किसी जाति का उल्लेख नहीं किया। यह मुद्दा उठाने का कोई कारण नहीं है।” इसी तरह, संसद के कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर जाति के आधार पर देश को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस का यह रवैया देश की अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।
कांग्रेस की आलोचना और भाजपा की स्थिति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ठाकुर की टिप्पणी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संसद में किसी की जाति का उल्लेख नहीं किया जाता और ठाकुर की टिप्पणियों से राहुल गांधी का अपमान हुआ है। खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को भी नसीहत दी कि उन्हें यह समझना चाहिए कि क्या ट्वीट करना उचित है।
पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस के विरोध पर चिंता जताते हुए कहा कि जाति पूछे बिना जाति जनगणना कैसे हो सकती है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए पूछा कि अगर ठाकुर ने किसी का नाम नहीं लिया तो केवल एक व्यक्ति को ही आपत्ति क्यों है?
जाति जनगणना और कांग्रेस का रुख
कांग्रेस ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह देश में जाति जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मुद्दे पर संसद में चल रही बहस ने जाति जनगणना और राजनीति के बीच के संबंधों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।
Anurag Thakur:
