वायनाड भूस्खलन: केरल में त्रासदी और राहत प्रयास

Wayanad Landslide: केरल में त्रासदी और राहत प्रयास

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड जिले में 31 जुलाई, 2024 को आए भीषण भूस्खलन ने कई लोगों की जान ले ली और क्षेत्र को गंभीर संकट में डाल दिया। भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गई है, और राहत अभियान जारी है।

मुख्यमंत्री का बयान और राहत कार्य

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों से 1,592 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत शिविरों में 8,000 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। राहत कार्य में 1,167 बचावकर्मी शामिल हैं। 96 शवों की पहचान कर ली गई है और 166 का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री की घोषणाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि केरल के लिए 145 करोड़ रुपये का राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) वितरित किया गया है।

बचाव प्रयासों में बढ़ोतरी

मुंदक्कई और चूरलमाला के प्रभावित क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसकी 24 टन भार क्षमता है। साथ ही, वायनाड में बचाव अभियान को बढ़ाने के लिए 100 और सैनिकों को भेजा जा रहा है।

संगठन और राज्य सरकार के प्रयास

वायनाड के जिला कलेक्टर डी.आर. मेघश्री ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने विशेष ध्यान देने की अपील की है और राहत शिविरों में जाने के लिए कहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और सहायता

तमिलनाडु कांग्रेस ने वायनाड भूस्खलन के लिए ₹1 करोड़ की राहत कोष की घोषणा की है। कांग्रेस के अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थगई ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल को और अधिक भेजने और राहत राशि बढ़ाने की मांग की है।

निष्कर्ष

वायनाड में भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई है, लेकिन विभिन्न संगठनों और सरकारी एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे राहत प्रयास स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इस त्रासदी के बाद, समर्पण और सहयोग से ही प्रभावित लोगों को पुनः जीवन की ओर ले जाया जा सकेगा।

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