“Rahul Gandhi: नई दिल्ली: हाल ही में लोकसभा में जाति जनगणना की मांग पर हुई बहस ने व्यक्तिगत मोड़ ले लिया जब भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। ठाकुर के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिनकी जाति अज्ञात है, वे जनगणना की मांग कर रहे हैं। यह टिप्पणी कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए तीव्र प्रतिक्रिया का कारण बनी।
राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में पारंपरिक ‘हलवा’ समारोह और बजट की प्रक्रिया में विविधता की कमी को लेकर सरकार पर हमला किया। इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की आरक्षण नीति को लेकर उसके इतिहास पर सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान कई घोटाले हुए हैं, जिनकी सूची में बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2जी, और चारा घोटाले शामिल हैं।
ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, “राहुल जी, आपने हलवे की बात की। बोफोर्स घोटाले, अंतरिक्ष-देवास घोटाले, और अन्य घोटालों का हलवा किसके पास था? क्या यह हलवा मीठा था या बेस्वाद?” इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस के ओबीसी नीति पर भी सवाल उठाया और कहा कि कांग्रेस के लिए ओबीसी का मतलब ‘केवल जीजा-साले कमीशन’ है।
राहुल गांधी ने ठाकुर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं, उन्हें अपमानित किया जाता है। उन्होंने कहा, “आप जितना चाहें मेरा अपमान कर सकते हैं, लेकिन यह मत भूलिए कि हम यहां विधेयक पारित करवाएंगे।” गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ठाकुर से माफी नहीं चाहते और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी गांधी का समर्थन किया और पूछा कि ठाकुर किसी की जाति के मुद्दे को कैसे उठा सकते हैं। भाजपा सांसदों ने गांधी पर आरोप लगाया कि उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था, जबकि आज की कांग्रेस जाति जनगणना की मांग कर रही है।
यह बहस इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जाति जनगणना के मुद्दे पर भारतीय राजनीति में तीव्र संघर्ष जारी है। राहुल गांधी और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बीच की यह तकरार इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों को उजागर करती है, जो आगामी चुनावों और राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है।
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