उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन के नियम सख्त किए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, हिंसक तरीकों से व्यवस्था बदलने का उद्देश्य रखने वाले संगठनों से जुड़ाव अपात्रता का आधार बन सकता है। हालांकि, केवल FIR दर्ज होने या जांच लंबित रहने से अभ्यर्थी स्वतः अयोग्य नहीं होगा।