आज सैनिटरी पैड्स महिलाओं की मासिक धर्म संबंधी जरूरतों का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनकी शुरुआत युद्ध के मैदान से हुई थी। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के खून को सोखने के लिए इस्तेमाल होने वाली खास सामग्री ने आगे चलकर डिस्पोजेबल सैनिटरी पैड्स के विकास का रास्ता खोला।
