Kamika Ekadashi: भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति का अवसर

Kamika Ekadashi: सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को ‘कामिका एकादशी’ के रूप में जाना जाता है। यह व्रत चातुर्मास के आरम्भ में आता है, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं। यहां हम इस व्रत के महत्व और महत्वपूर्ण समय के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

व्रत की तारीख और समय

इस साल, कामिका एकादशी 31 जुलाई को है। इस दिन एकादशी तिथि सायंकाल 4 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 31 जुलाई दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी।

पूजा का मुहूर्त

व्रत वाले दिन, ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 4:18 बजकर 44 मिनट से प्रात: 5:00 बजकर 00 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय 5:42 बजकर 00 मिनट पर होगा, जिसके बाद से पूजा की जा सकेगी।

व्रत के फल

कामिका एकादशी के दिन श्रीहरि के योग निद्रा में होते हैं, जिससे व्रत करने से सभी दुख और पाप मिट जाते हैं। इसे जीवन के अंत में मोक्ष का साधन माना जाता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना रहेगा, जिससे व्यक्ति के सभी कार्यों में शुभ फल प्राप्त होता है।

पारण का समय

जो लोग कामिका एकादशी का व्रत रखेंगे, वे पारण 1 अगस्त को करेंगे। पारण का समय सुबह 5:43 बजकर 00 मिनट से सुबह 8:24 बजकर 00 मिनट के बीच है। इस समय में व्रत को पूरा कर सकते हैं।

व्रत की महिमा

कामिका एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा और विशेष रूप से तुलसी के पत्ते अर्पित करने से सभी पाप मिट जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस प्रकार, कामिका एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा और आशीर्वाद के साथ व्यक्ति को उच्च आदर्शों की ओर ले जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *