धनतेरस पर यूपी के बाजारों में उमड़ी भीड़, सुबह से देर रात तक हुई खरीदारी
उत्तर प्रदेश में इस बार धनतेरस का त्योहार कारोबारियों के लिए काफी अच्छा रहा। प्रदेश के छोटे-बड़े बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी थी। ज्वेलरी शोरूम से लेकर बर्तन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों तक हर जगह रौनक देखने को मिली। लोगों ने शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने के लिए पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं।
खास बात यह रही कि महंगाई और बढ़ती कीमतों के बावजूद लोगों ने खरीदारी में कोई कमी नहीं रखी। किसी ने सोने-चांदी के आभूषण खरीदे तो किसी ने टीवी, फ्रिज, मोबाइल और घर के दूसरे सामान पर पैसा खर्च किया। व्यापारिक संगठनों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस बार धनतेरस पर यूपी में करीब 27 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। पिछले साल के मुकाबले भी बाजार में बेहतर कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
सोना-चांदी की खरीदारी से चमका सर्राफा बाजार, करीब 9800 करोड़ का कारोबार
धनतेरस पर सबसे ज्यादा रौनक सर्राफा बाजार में दिखाई दी। सोने और चांदी की कीमतें ऊंची होने के बाद भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। किसी ने गहने खरीदे तो किसी ने सोने-चांदी के सिक्के और दूसरे कीमती सामान को शुभ मानकर अपने घर लाया।
व्यापारिक संगठनों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब 7,600 करोड़ रुपये का सोना बिका, जबकि चांदी की बिक्री लगभग 2,200 करोड़ रुपये रही। इस तरह दोनों कीमती धातुओं का कुल कारोबार करीब 9,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। लखनऊ के चौक सराफा बाजार समेत प्रदेश के बड़े शहरों के ज्वेलरी बाजारों में देर रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कपड़ों तक, इन बाजारों में भी हुई करोड़ों की बिक्री
धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर भी खूब खरीदारी हुई। दिवाली के लिए लोगों ने टीवी, फ्रिज, घरेलू उपकरण, रेडीमेड कपड़े, गिफ्ट आइटम और सजावट का सामान खरीदा।
व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक, अलग-अलग कारोबार में बिक्री का आंकड़ा कुछ इस तरह रहा।
| कारोबार का क्षेत्र | अनुमानित बिक्री |
|---|---|
| इलेक्ट्रॉनिक्स | ₹4,400 करोड़ |
| उपहार व डेकोरेशन | ₹4,100 करोड़ |
| रेडीमेड कपड़े व वस्त्र | ₹2,400 करोड़ |
| सजावटी बिजली के सामान | ₹2,200 करोड़ |
| ऑटोमोबाइल | ₹1,500 करोड़ |
| बर्तन बाजार | ₹1,100 करोड़ |
| ओपीडी उत्पाद | ₹900 करोड़ |
| अन्य उत्पाद | ₹700 करोड़ |
इन आंकड़ों से साफ है कि धनतेरस पर लोगों ने घर की जरूरतों के साथ त्योहार की सजावट और उपहारों पर भी जमकर खर्च किया।
धनतेरस पर 3600 से ज्यादा कारें और 49 हजार दोपहिया वाहन बिके
धनतेरस के मौके पर ऑटोमोबाइल बाजार में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नई गाड़ी खरीदने को शुभ मानने वाले लोगों ने पहले से ही कार और बाइक की बुकिंग करा रखी थी। धनतेरस के दिन शोरूम में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ पहुंचने लगी।
कारोबारियों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, प्रदेश में 3,600 से ज्यादा कारें और 49 हजार से अधिक दोपहिया वाहन बिके। कारों के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग भी देखने को मिली। ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए कंपनियों और डीलरों ने कई तरह के ऑफर और छूट भी दिए। वाहन शोरूम में देर रात तक गाड़ियों की डिलीवरी होती रही।
मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भी रही रौनक, 1300 करोड़ के पार बिक्री
दिवाली की तैयारियों के बीच मिठाई, नमकीन और खानपान के कारोबार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने घरों में पूजा और मेहमानों के स्वागत के लिए मिठाई, नमकीन और दूसरे खाद्य पदार्थ खरीदे।
व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक, मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री 1,300 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की उम्मीद है। त्योहार को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से ही अतिरिक्त सामान तैयार कर रखा था, ताकि ग्राहकों को खरीदारी में किसी तरह की परेशानी न हो।
वेतन मिलने का भी बाजार को मिला फायदा, कारोबारियों के चेहरे खिले
इस बार धनतेरस महीने के शुरुआती दिनों में पड़ा, जिसका फायदा भी बाजार को मिला। ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के खाते में वेतन आ चुका था। ऐसे में लोगों ने घरेलू सामान, कपड़े, गहने, गिफ्ट और दिवाली की सजावट पर खुलकर पैसा खर्च किया।
कारोबारियों का मानना है कि त्योहार और वेतन मिलने का समय एक साथ होने से बाजार में खरीदारी बढ़ी। कुल मिलाकर इस बार धनतेरस ने उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। करीब 27 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के शुरुआती अनुमान ने यह भी दिखाया कि महंगाई के बावजूद त्योहारों पर लोगों का खरीदारी का उत्साह कम नहीं हुआ।
