UP Politics: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई का इंतजार फिलहाल बढ़ गया है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद शुक्रवार को आजम खां के पांच मुकदमों में रिहाई परवाने जारी कर दिए गए। हालांकि, एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनकी रिहाई का रास्ता साफ नहीं हो सका। ऐसे में अब शनिवार तक उनकी रिहाई टल गई है। वहीं, अब्दुल्ला आजम के मामले में शुक्रवार को एक भी रिहाई परवाना जारी नहीं हुआ।
मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित हैं कई मुकदमे
एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से आजम खां के पांच मामलों में रिहाई परवाने जारी होने के बावजूद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसकी वजह मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित मुकदमों से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में आजम खां के खिलाफ 52 और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 41 मामले विचाराधीन हैं। इन मामलों में भी रिहाई परवाने जारी होने बाकी हैं। शुक्रवार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण दोनों की रिहाई अटक गई।
आजम खां ने जमा किए 3.50 लाख, अब्दुल्ला ने दिए 2.75 लाख रुपये
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को आजम खां की ओर से हाईकोर्ट का आदेश एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल किया गया। इसके बाद अदालत के निर्देशों के अनुपालन में आजम खां की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये नकद नजारत में जमा कराए गए। इसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए। हालांकि, अन्य लंबित मामलों में कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण जेल से बाहर आने का रास्ता फिलहाल नहीं खुल सका।
क्या है दो पैन कार्ड का पूरा मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथि वाले प्रमाणपत्रों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए और दोनों कार्डों का इस्तेमाल करते हुए आयकर रिटर्न भी दाखिल किए।
इस मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को आजम खां और अब्दुल्ला आजम, दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ दोनों ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी।
आजम खां की सजा बढ़कर हुई 10 साल
मामले में सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की अपील भी दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खां की सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी, जबकि अब्दुल्ला आजम की सजा को बरकरार रखा। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद गुरुवार को दोनों की जमानत अर्जियां मंजूर कर लीं। जमानत मिलने के बाद अलग-अलग मामलों में जमानती दाखिल किए गए थे। अदालत ने जमानत संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पुलिस और राजस्व प्रशासन को निर्देश दिए थे।
अब शनिवार को रिहाई की उम्मीद
हाईकोर्ट से जमानत मिलने और कुछ मामलों में रिहाई परवाने जारी होने के बावजूद आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित मामलों और कानूनी औपचारिकताओं के कारण शुक्रवार को यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब दोनों की रिहाई को लेकर शनिवार को होने वाली आगे की कानूनी कार्यवाही पर नजरें टिकी हैं।
