US Election 2026: अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत बरकरार रखने की चुनौती है। मंगलवार को लाखों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती सर्वेक्षणों और एग्जिट पोल में प्रतिनिधि सभा को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति पर चर्चा हो रही है, जबकि सीनेट का नियंत्रण भी चुनाव का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
कई राज्यों में मतदान खत्म, नतीजों का इंतजार
मंगलवार को अमेरिका के सात राज्यों में मतदान केंद्र बंद हो गए, जबकि दूसरे राज्यों में देर रात तक वोटिंग जारी रही। चुनाव अधिकारियों की ओर से मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, सभी सीटों के अंतिम नतीजे आने में समय लग सकता है। अमेरिकी इतिहास में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अधिकतर मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति की पार्टी को कांग्रेस में सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में इस बार रिपब्लिकन पार्टी के सामने भी अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने की चुनौती है।
ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग और महंगाई बनी चुनावी मुद्दा
मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता और उनकी नीतियों को लेकर मतदाताओं की राय अहम भूमिका निभा रही है। ईरान के साथ युद्ध, ईंधन की बढ़ती कीमतें और महंगाई जैसे मुद्दों ने आम अमेरिकी नागरिकों की आर्थिक चिंताओं को बढ़ाया है। प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों और एसोसिएटेड प्रेस के लिए SSRS की ओर से कराए गए एग्जिट पोल के अनुसार, लगभग आधे मतदाताओं ने इन चुनावों को ट्रंप के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने का अवसर माना। वहीं, करीब तीन-चौथाई मतदाताओं ने देश की मौजूदा दिशा पर असंतोष जताया।
राष्ट्रपति की शक्तियों पर नियंत्रण चाहते हैं मतदाता
एग्जिट पोल में करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं ने अपनी राय दी कि अमेरिकी कांग्रेस को राष्ट्रपति की शक्तियों पर अधिक नियंत्रण रखना चाहिए। आमतौर पर मध्यावधि चुनाव को राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाता है। ट्रंप ने भी अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे इस चुनाव को ऐसे लें, जैसे राष्ट्रपति खुद उम्मीदवार हों। डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी अपने चुनाव प्रचार में ट्रंप के कार्यकाल और नीतियों को प्रमुखता से उठाया।
हाउस और सीनेट में बहुमत के लिए दोनों दलों में मुकाबला
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है। वहीं, सीनेट की कुल 100 सीटों में से 35 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी से कम से कम तीन सीटें जीतनी होंगी। सीनेट में बहुमत के लिए उन्हें चार सीटों का फायदा हासिल करना होगा।
47 सीटों पर मुकाबला, सीनेट की लड़ाई भी अहम
रॉयटर्स के विश्लेषण के मुताबिक, प्रतिनिधि सभा की 47 सीटों पर मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाकी सीटों पर अनुमान के अनुसार नतीजे आने की स्थिति में डेमोक्रेट्स को बहुमत तक पहुंचने के लिए इन 47 सीटों में से 13 सीटें जीतनी होंगी। सीनेट में उनकी चुनौती अलग है। उन्हें अपनी मौजूदा सीटें बचाने के साथ अलास्का, आयोवा, कंसास, नेब्रास्का, ओहायो, साउथ कैरोलिना और टेक्सास जैसे राज्यों में भी जीत दर्ज करनी होगी।
चुनाव परिणामों को लेकर विवाद की आशंका
ट्रंप पहले भी अमेरिकी चुनावों में धांधली के आरोप लगा चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में कानूनी विशेषज्ञों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने आशंका जताई है कि रिपब्लिकन पार्टी को हार मिलने पर चुनाव परिणामों को चुनौती दी जा सकती है। अमेरिकी न्याय विभाग ने चुनाव की निगरानी के लिए सभी 50 राज्यों में करीब 1,000 पर्यवेक्षक और मॉनिटर तैनात किए हैं। विभाग ने इसे चुनाव दिवस पर निगरानी का बड़ा अभियान बताया है। हालांकि, डेमोक्रेट्स ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं को डराने की आशंका जताई है।
