पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाएगी योगी सरकार, स्टेट लैब स्टार्ट मिशन पर जोर
कैबिनेट बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा अंडा, ऊन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी प्रदेश की अच्छी स्थिति है। हालांकि, इन क्षेत्रों में उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल प्रबंधन मजबूत करने और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पशुपालन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए स्टेट लैब स्टार्ट मिशन के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और पशु उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
गाय का दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य, मुर्गी और बकरी पालन को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार की योजना पशुपालन को किसानों की अतिरिक्त कमाई का मजबूत जरिया बनाने की है। इसके लिए उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने और गायों की नस्ल सुधारने पर जोर दिया जाएगा। प्रस्ताव में प्रति गाय प्रतिदिन दूध उत्पादन को 10 लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया है। इसके अलावा मुर्गी पालन और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित करने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर नस्ल, आधुनिक तकनीक और पशुपालन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलने से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
पशु बीमा पर सरकार देगी 85 फीसदी राशि, एक गाय पर 50 हजार रुपये अनुदान
पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए पशु बीमा की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, बीमा की कुल लागत का 85 फीसदी हिस्सा सरकार और बाकी 15 फीसदी हिस्सा किसान वहन करेंगे। इसके साथ ही एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान बताया गया है। इस व्यवस्था का मकसद पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम करना और पशुओं के नुकसान की स्थिति में उन्हें सुरक्षा देना है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए लागू पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक दिशानिर्देशों से स्पष्ट होगी।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी का नया प्रस्ताव
योगी कैबिनेट में कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर से जुड़ी स्टांप ड्यूटी का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, प्रदेश में इस प्रक्रिया के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण कारोबारियों को कई बार भ्रम और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्रस्ताव के तहत शेयर वैल्यू पर 0.50 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने की बात कही गई है। वहीं, संबंधित मामले में संपत्ति शामिल होने पर उस पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी का प्रावधान प्रस्तावित है।
सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी की परेशानी होगी कम
मंत्री ने बताया कि स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण कुछ मामलों में सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी की मांग की जाती थी। इससे कंपनियों के विलय और पुनर्गठन की प्रक्रिया मुश्किल हो जाती थी। प्रस्ताव लागू होने से इस व्यवस्था में स्पष्टता आने की उम्मीद है। गुजरात और महाराष्ट्र में भी इस तरह के प्रावधान होने की बात कही गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
