अनंत सिंह की सदस्यता पर क्या बोले विधानसभा अध्यक्ष?
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि उन्होंने अखबारों और मीडिया में अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने की खबरें देखी हैं, लेकिन विधानसभा कार्यालय को अभी तक इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, “पत्र प्राप्त होने के बाद समीक्षा की जाएगी और प्रक्रिया के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।”
स्पीकर ने दोहराया कि आधिकारिक पत्र मिलने से पहले इस मामले में कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उनके मुताबिक, फिलहाल उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया के जरिए मिली है।
उपेंद्र कुशवाहा ने बताया जेडीयू का आंतरिक मामला
अनंत सिंह के निष्कासन पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कौन व्यक्ति कहां और किस तरह की राजनीति करेगा, इस पर वह क्या टिप्पणी कर सकते हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को जनता दल यूनाइटेड का आंतरिक मामला बताया।
विजय कुमार सिन्हा ने भी दी प्रतिक्रिया
बीजेपी नेता और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अनंत सिंह को लेकर जो फैसला हुआ है, वह जेडीयू का आंतरिक मामला है और इस पर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
हालांकि, उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लखीसराय से चुनाव लड़ते समय ठेकेदारों और रंगदारों के विरोध का सामना किया, लेकिन जनता ने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा।
अब आधिकारिक पत्र का इंतजार
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर आगे की स्थिति विधानसभा कार्यालय को आधिकारिक पत्र मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी। स्पीकर प्रेम कुमार ने कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल, उनकी सदस्यता रद्द होने को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
