पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में की। उन्होंने सभागार में मौजूद लोगों से पूछा कि माहौल इतना गंभीर क्यों है? क्या बैंकिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इतना दबाव रहता है? इसके बाद उन्होंने लोगों से आराम से बैठने और सहज होने की अपील की।
विकास का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास को देश के हर क्षेत्र और हर नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली में बदलाव के साथ विकास की प्राथमिकताओं, उसके विस्तार और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने एक्सप्रेस-वे के विस्तार और गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना का भी उल्लेख किया।
छोटे शहरों और गांवों को सुविधाओं से जोड़ने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने आजादी के बाद देश में हुए विकास का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े शहरों में अस्पताल, एयरपोर्ट और अन्य संस्थान विकसित हुए, लेकिन देश के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी रही।
उन्होंने कहा कि पहले बेहतर इलाज के लिए दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसी तरह हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार छोटे शहरों तक पर्याप्त रूप से नहीं हुआ था और कई गांवों में सड़क, बिजली तथा पानी जैसी सुविधाएं बड़ी चुनौती थीं।
विकास की सोच में बदलाव का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे स्टेशन आम नागरिक की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन वहां भी आधुनिक सुविधाओं की कमी रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास का लाभ देश के हर क्षेत्र और नागरिक तक समान रूप से पहुंचाने के लिए इस सोच को बदलने का प्रयास किया है।
भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन वित्तीय और तकनीकी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विकास के साथ-साथ आधुनिक संस्थानों और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर रेखांकित किया।
