UP Politics: शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के एक नेता ने दावा किया कि शायरा शबीना अदीब को मेरठ के एक मुशायरे में भाग लेने से रोक दिया गया। शबीना अदीब को उस दिन मेरठ के नौचंदी मेले में आयोजित वार्षिक ऑल इंडिया मुशायरा में शामिल होना था। लेकिन पूर्व मंत्री और आरएलडी के महासचिव, मैराजुद्दीन अहमद ने बताया कि कुछ भाजपा नेताओं की आपत्ति के बाद उनकी भागीदारी पर रोक लगाई गई।
शबीना अदीब की मुशायरे में भागीदारी पर रोक
अहमद ने कहा कि शबीना अदीब का एक पुराना वीडियो साजिश के तहत वायरल किया गया, जिसमें उन्होंने शायरी की थी। इस वीडियो के प्रसार के बाद शबीना अदीब को कार्यक्रम में प्रदर्शन से रोक दिया गया, जिसे अहमद ने निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि बाद में शबीना अदीब ने यह कहकर परफॉर्म करने से मना कर दिया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
भाजपा नेताओं की आपत्ति और सांप्रदायिक तनाव का डर
भाजपा के शहर अध्यक्ष सुरेश जैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक तनाव के डर से शबीना अदीब की भागीदारी पर आपत्ति जताई।
जैन के अनुसार, शबीना अदीब की शायरी सांप्रदायिक सौहार्द के लिए उपयुक्त नहीं है और इससे तनाव उत्पन्न हो सकता है। जब उन्हें इस मुद्दे की जानकारी मिली, तो उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि शबीना अदीब को मुशायरे में बुलाया न जाए।
आरएलडी का आरोप और शायरी पर विवाद
अहमद ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की आपत्ति का आधार एक पुराना कविता था, जो 20 साल पहले पढ़ी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन शायरों को इस मुशायरे में परफॉर्म करने के लिए नहीं बुलाया गया, वे भी शबीना अदीब की भागीदारी को रोकने में शामिल हो सकते हैं।
इस मामले ने सांप्रदायिक तनाव और सांस्कृतिक आयोजनों में राजनीति के घुसपैठ को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है।
