सुशासन और जनकल्याण के लिए जरूरी है जवाबदेह प्रशासन
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की योजनाएं बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका फायदा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना भी जरूरी है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करना होगा। जब लोक सेवक जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करते हैं, तभी सुशासन का संकल्प जमीन पर उतरता है। योगी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी कामकाज निपटाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बेहतर बदलाव लाना भी होना चाहिए।
2017 से पहले की व्यवस्था पर सीएम योगी ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार को प्राथमिकता मिलने से प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि अपराध, माफियाराज और नीतिगत उदासीनता के कारण उत्तर प्रदेश की विकास क्षमता पर असर पड़ा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस दौर में प्रदेश की छवि और प्रशासनिक व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां थीं। हालांकि, ये बातें मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक आकलन के तौर पर रखीं।
मिशन कर्मयोगी से प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में बदलाव के लिए मिशन कर्मयोगी जैसी पहल को आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य लोक सेवकों को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया है। उन्होंने इस बदलाव को प्रदेश के प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत ढांचे में सुधार की यात्रा बताया।
साधना शृंखला-2026 में आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की इसी कोशिश को आगे बढ़ाने के लिए राजधानी लखनऊ में दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी के साथ आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। इस क्षेत्रीय कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली और लोक सेवा से जुड़े अनुभवों पर चर्चा करते हुए बेहतर कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना है।
‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की भावना के अनुरूप काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अंत्योदय यानी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने को अहम बताया। सीएम के मुताबिक, कर्मयोगी उत्तर प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने साधना शृंखला-2026 से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजन प्रशासन को अधिक प्रभावी और जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने में मदद करेंगे।
