केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश में SIR पहली बार नहीं हो रहा है और इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा हो चुकी है।
SIR को लेकर विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पर पहले ही विस्तार से चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब विपक्ष के शासनकाल में SIR कराया जाता है, तो उसे स्वीकार किया जाता है, लेकिन जब यही प्रक्रिया मौजूदा सरकार के दौरान होती है, तो उस पर सवाल उठाए जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, देश में SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बार-बार स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है और इस तरह का रवैया स्वीकार्य नहीं है।
संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के दावों पर प्रतिक्रिया
मेघवाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को लेकर किए गए दावों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने यह नैरेटिव फैलाया था कि यदि भाजपा दोबारा सत्ता में आती है, तो संविधान बदल दिया जाएगा और आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से ऐसा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि झूठे नैरेटिव से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जाता है।
SIR पर राजनीतिक बहस जारी
अर्जुन राम मेघवाल के बयान से SIR को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस एक बार फिर सामने आई है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया को लेकर सरकार का पक्ष रखा। SIR को लेकर विभिन्न राजनीतिक द
