बातचीत के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने मिडिल ईस्ट में जारी हालात पर भी चर्चा की। दोनों ने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र की समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। बातचीत के आखिर में दोनों नेता एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट कर भारत-इजरायल दोस्ती पर क्या कहा?
बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पीएम मोदी के साथ हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मच्छार के साथ मशाल जलाने के समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है।
नेतन्याहू के मुताबिक, पीएम मोदी ने निमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों की तारीफ भी की। नेतन्याहू ने बताया कि बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजरायल के साथ मिलकर काम करने का जिक्र भी हुआ।
कैप्टन स्मिथ मच्छार को भी मिला इजरायल के स्वतंत्रता दिवस का न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मच्छार को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। नेतन्याहू ने पायलट की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें भारत और इजरायल के लिए गौरव बताया। यह निमंत्रण उस घटना के बाद आया है, जिसमें फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में हमले के दौरान कैप्टन मच्छार ने मुश्किल हालात का सामना किया था।
ईरान की सरकार को सत्ता से हटाने पर नेतन्याहू का बड़ा बयान
पीएम मोदी के साथ बातचीत से अलग, नेतन्याहू ने ईरान की मौजूदा सरकार को लेकर भी सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल ईरानी शासन को सत्ता से हटाने के अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इस मुद्दे पर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी चर्चा की है। उनके मुताबिक, रविवार को हुई बातचीत में भी यह मुद्दा उठा था।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की मौजूदा सरकार को हटाना उनके लिए सबसे अहम लक्ष्यों में से एक है। उन्होंने इस विषय पर ट्रंप के साथ कई बार चर्चा होने की बात कही। उनके इस बयान से साफ है कि ईरान को लेकर इजरायल का रुख सख्त बना हुआ है।
मिडिल ईस्ट में शांति और भारत-इजरायल संबंधों पर नजर
एक तरफ भारत और इजरायल अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना भी अहम मुद्दा बना हुआ है। पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया है। अब देखना होगा कि दोनों देशों के बीच सहयोग और क्षेत्रीय हालात को लेकर आने वाले दिनों में क्या कदम उठाए जाते हैं।
