पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत के दौरे पर हैं। यह 16 साल में किसी पोलिश प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा बताई जा रही है। इस दौरे के दौरान रक्षा तकनीक, ड्रोन, अंतरिक्ष, आईटी और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में भारत और पोलैंड के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर है।
डोनाल्ड टस्क के साथ वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और कंपनियों के प्रतिनिधियों का एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना और नए निवेश के अवसर तलाशना है।
22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में इंडिया-पोलैंड बिजनेस फोरम आयोजित होने का कार्यक्रम है। इन बैठकों में आईटी और स्पेस सेक्टर समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत को पोलैंड की जरूरत क्यों है?
भारत के लिए पोलैंड केवल यूरोप का एक देश नहीं, बल्कि रक्षा तकनीक, अंतरिक्ष निगरानी और यूरोपीय बाजार तक पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।
1. रक्षा और ड्रोन टेक्नोलॉजी में सहयोग
भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक ड्रोन, निगरानी प्रणालियों और अन्य तकनीकों पर जोर दे रहा है। पोलैंड भी रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहा है और ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है, जिसका इस्तेमाल सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
