up news उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा केस को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता श्रद्धा और आस्था के मामलों में भी खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने विकास दुबे कांड का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
शिवा केस पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “श्रद्धा रखिए, आस्था रहे, लेकिन भाजपाई तो ऐसे हैं जो श्रद्धा और आस्था से ही खिलवाड़ कर लेते हैं। आप सब जानते हैं, मंदिर वाली श्रद्धा से खिलवाड़ हुआ, अब इस वाली श्रद्धा से खिलवाड़ हो रहा है।”
उनके इस बयान को लखनऊ के चर्चित शिवा केस से जोड़कर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव ने मामले को लेकर बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में भी अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रही है।
विकास दुबे कांड का जिक्र कर सरकार पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपने बयान में विकास दुबे कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आपको विकास दुबे कांड याद होगा। इन लोगों ने गाड़ी पलट कर अपनी सरकार को पलटने से बचा लिया था।”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा मामले में भी सरकार इसी तरह की रणनीति अपना रही है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है।
अधिकारियों के नाम सामने आने का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने मामले में अधिकारियों की संभावित भूमिका को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं किसी के व्यक्तिगत मामलों में नहीं जाना चाहता हूं, लेकिन सुनने में आ रहा है कि इस मामले में कई अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं।”
उनके इस बयान के बाद मामले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों के नाम सामने आने या उनकी संलिप्तता को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और जांच के तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
LDA को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा
अखिलेश यादव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को लेकर भी बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “ये LDA करप्शन का विभाग है। ये पैसा इकट्ठा करता है। इसे बीजेपी के लोगों ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है।”
सपा प्रमुख ने रिवर फ्रंट परियोजना का जिक्र करते हुए अकबरनगर को खाली कराए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिवर फ्रंट बनाने के नाम पर अकबरनगर को खाली कराया गया, लेकिन परियोजना का काम पूरा नहीं हुआ।
अखिलेश यादव के इन बयानों से शिवा केस, अधिकारियों की कथित भूमिका और लखनऊ विकास प्राधिकरण को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
