कॉकरोच का पुतला जलाने पर क्या बोले यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना?
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दशहरे पर कॉकरोच का पुतला जलाए जाने का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का संदेश देता है। इस दिन लोगों को अहंकार और अराजकता से दूर रहकर सद्भावना के रास्ते पर चलने की सीख लेनी चाहिए।
सुरेश खन्ना ने कहा कि दशहरे के पर्व से युवा पीढ़ी को भी संदेश मिलना चाहिए। भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के पात्रों से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में अच्छे विचारों और व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विजयदशमी पर अन्याय और अहंकार के खिलाफ दिया संदेश
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विजयदशमी के मौके पर शाहजहांपुर के खिरनीबाग रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुरेश खन्ना ने प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीराम के बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विजयदशमी अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण जैसे अहंकारी का अंत करके दुनिया को धर्म और मर्यादा का संदेश दिया था। ऐसे में यह त्योहार सिर्फ पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को अपने जीवन में भी बुराइयों को खत्म करने की प्रेरणा देता है।
जेपीएस राठौर का आम आदमी पार्टी पर तंज
कॉकरोच के पुतले को लेकर चल रही चर्चा के बीच सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने भी राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कॉकरोच पार्टी, आम आदमी पार्टी की अवैध संतान है। राठौर ने तंज कसते हुए कहा कि लोग अब सब कुछ समझ चुके हैं और आने वाले समय में ऐसे लोगों के पुतले भी जलाए जाएंगे।
उनके इस बयान के बाद कॉकरोच के पुतले का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। दशहरे पर हुई इस अनोखी पहल को लेकर जहां अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं नेताओं के बयानों ने इसे और चर्चा में ला दिया है।
दिल्ली में क्यों जलाया गया 30 फीट का कॉकरोच का पुतला?
दरअसल, दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस में रामलीला कमेटी ने इस बार दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के अलावा 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया। इस अनोखे पुतला दहन ने लोगों का ध्यान खींचा और इसकी चर्चा दूर-दूर तक होने लगी।
रामलीला कमेटी के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों के विनाश का प्रतीक था। कमेटी ने संदेश दिया कि जिस तरह दशहरे पर रावण के रूप में बुराई का अंत किया जाता है, उसी तरह समाज में गंदगी और अस्वच्छता जैसी समस्याओं को भी खत्म करना जरूरी है।
कॉकरोच के पुतले पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
दशहरे पर कॉकरोच के पुतले का दहन एक अलग पहल के तौर पर सामने आया, लेकिन अब यह राजनीतिक बयानबाजी की वजह से भी चर्चा में है। सुरेश खन्ना ने इसे विजयदशमी के संदेश से जोड़ते हुए समर्थन दिया, जबकि जेपीएस राठौर ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा।
कुल मिलाकर, दिल्ली में कॉकरोच के पुतले का दहन इस बार दशहरे की चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया। इसके जरिए स्वच्छता का संदेश देने की बात कही गई, वहीं नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग भी दे दिया।
