पंजाब-: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। परविंदर झोटा का परिवार उनकी हत्या की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा था। इस मामले को लेकर परिवार और समर्थकों ने कार्रवाई की मांग उठाई थी।
CM भगवंत मान ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि सरकार परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग को मानते हुए हत्या का मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है।
सीएम मान ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात भी कही। उनके मुताबिक, इस दिशा में सरकार जरूरी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
13 अक्टूबर को मानसा में हुई थी परविंदर झोटा की हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई थी, जहां झोटा नशीले पदार्थों की कथित बिक्री के मुद्दे पर आवाज उठा रहे थे। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने और मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की कथित बिक्री का विरोध करने के लिए जाने जाते थे।
घटना के बाद उनके परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग की थी। अब पंजाब सरकार ने परिवार की मांग स्वीकार करते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की घोषणा की है।
नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे झोटा
परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के इलाकों में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने के लिए सक्रिय थे। रिपोर्टों के अनुसार, वह स्थानीय लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास भी करते थे।
हत्या के मामले में एक मेडिकल स्टोर संचालक को आरोपी बताया गया है और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसे राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मामले में आरोपों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
अब CBI जांच में क्या होगा?
सीबीआई जांच अपने हाथ में लेने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध सबूतों और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर सकती है। जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाना होगा। आगे की कार्रवाई केंद्रीय एजेंसी की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद अब मामले की जांच सीबीआई के जरिए आगे बढ़ने की उम्मीद है। परिवार को न्याय दिलाने और हत्या से जुड़े तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच के नतीजे अहम होंगे।
