जारी कार्यक्रम के मुताबिक, अमित शाह दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 1:15 बजे संगरूर और फिर दोपहर 3:15 बजे गुरदासपुर जाएंगे। यानी एक ही दिन में गृह मंत्री पंजाब के तीन शहरों का दौरा करेंगे।
मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं के मामले
अमित शाह के दौरे के दौरान इन तीनों शहरों में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा हो रही है। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या हुई थी। वहीं, गुरदासपुर में बिक्रमजीत की हत्या का मामला सामने आया था। संगरूर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।
इन घटनाओं के बाद नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोगों की सुरक्षा और उनके परिवारों को इंसाफ दिलाने की मांग उठती रही है। अमित शाह के पंजाब दौरे को इसी पृष्ठभूमि में अहम माना जा रहा है। हालांकि, दौरे के दौरान इन मामलों पर गृह मंत्री की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अमित शाह के मानसा दौरे का विरोध नहीं करेंगे परविंदर झोटा के पिता
अमित शाह के मानसा दौरे से पहले विरोध की चर्चाएं भी सामने आई थीं। लेकिन परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने गृह मंत्री के दौरे का स्वागत करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अमित शाह के पंजाब आने का विरोध न किया जाए।
भीम सिंह का कहना है कि उनके परिवार को इंसाफ दिलाने में केंद्र सरकार अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से ही उम्मीद है कि वह उनके बेटे की हत्या के मामले में न्याय दिलाने के लिए कदम उठाएगी।
परविंदर झोटा के पिता की अपील, धरने में आने वाले राजनीतिक लोगों का न करें विरोध
भीम सिंह ने यह भी अपील की है कि अगर किसी राजनीतिक पार्टी का कोई नेता या कार्यकर्ता धरने में शामिल होने आता है, तो उसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इंसाफ की लड़ाई में सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।
परविंदर झोटा के परिवार की इस अपील के बाद अमित शाह के मानसा दौरे को लेकर माहौल में बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सबकी नजर 20 अक्टूबर को होने वाले गृह मंत्री के दौरे पर है। मानसा के बाद संगरूर और गुरदासपुर में अमित शाह के कार्यक्रमों को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
