Makeup Tips: भारतीय स्किन टोन के हिसाब से चुनें मेकअप, फाउंडेशन से लेकर ब्लश तक इन बातों का रखें ध्यान

Makeup Tips: भारतीय त्वचा के रंगों में काफी विविधता देखने को मिलती है. किसी की स्किन हल्की होती है, तो किसी की गेहुंआ, ऑलिव या गहरी रंगत होती है. हर रंग की अपनी खूबसूरती है. ऐसे में मेकअप करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी स्किन टोन को पहचानें और उसी के हिसाब से प्रोडक्ट्स चुनें. कई लोग ज्यादा गोरा या ब्राइट दिखने के चक्कर में अपनी त्वचा से अलग रंग का फाउंडेशन लगा लेते हैं. इससे चेहरा नेचुरल दिखने के बजाय बनावटी लगने लगता है. मेकअप का मकसद त्वचा का असली रंग बदलना नहीं, बल्कि उसकी खूबसूरती को निखारना है.

स्किन टोन और अंडरटोन पहचानना है जरूरी

मेकअप खरीदने से पहले सिर्फ अपनी त्वचा का रंग देखना काफी नहीं है. यह समझना भी जरूरी है कि आपकी स्किन का अंडरटोन क्या है. किसी की त्वचा में गोल्डन या पीले रंग की झलक होती है, जिसे वार्म अंडरटोन कहा जाता है. वहीं कुछ लोगों की स्किन में गुलाबी या ठंडे रंग की झलक होती है, जो कूल अंडरटोन की पहचान है. कुछ लोगों का अंडरटोन न्यूट्रल या ऑलिव भी हो सकता है.

एक जैसी स्किन टोन वाले दो लोगों पर एक ही फाउंडेशन अलग-अलग दिख सकता है. इसलिए फाउंडेशन, ब्लश और हाइलाइटर खरीदते समय अपने अंडरटोन का ध्यान रखें. सही शेड वही है जो चेहरे पर अलग से दिखाई देने के बजाय त्वचा में आसानी से घुल-मिल जाए.

फाउंडेशन शेड चुनने का सही तरीका, जॉलाइन पर करें टेस्ट

अगर आप अब तक हाथ या कलाई पर फाउंडेशन लगाकर उसका रंग चेक करते आए हैं, तो अब यह तरीका बदलने का समय है. हाथों और चेहरे की त्वचा का रंग एक जैसा होना जरूरी नहीं है. ऐसे में कलाई पर सही दिखने वाला फाउंडेशन चेहरे पर अलग नजर आ सकता है.

फाउंडेशन का सही शेड चुनने के लिए इसे जॉलाइन पर लगाएं और थोड़ा सा गर्दन की तरफ ब्लेंड करें. जो शेड चेहरे और गर्दन के बीच आसानी से मिल जाए और अलग से कोई लाइन न बनाए, वह आपके लिए बेहतर रहेगा. मेकअप खरीदते समय इसे प्राकृतिक रोशनी में जरूर देखें. शादी या किसी खास मौके के लिए मेकअप करवा रही हैं, तो कैमरे की फ्लैश लाइट में भी शेड चेक करना फायदेमंद हो सकता है.

भारतीय स्किन टोन पर कौन से ब्लश शेड्स लगते हैं खूबसूरत?

चेहरे पर ताजगी और गुलाबीपन लाने के लिए ब्लश का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन हर ब्लश हर स्किन टोन पर एक जैसा नहीं दिखता. भारतीय त्वचा पर पीच, वार्म रोज, टेराकोटा, बर्न कोरल और बेरी जैसे शेड्स अच्छे लग सकते हैं. अपनी रंगत और अंडरटोन के हिसाब से ब्लश चुनने पर चेहरे पर ज्यादा नेचुरल निखार आता है.

अगर आप चाहती हैं कि शादी या पार्टी में लगाया गया ब्लश लंबे समय तक टिका रहे, तो क्रीम ब्लश के ऊपर हल्का पाउडर ब्लश लगा सकती हैं. इस तरह की लेयरिंग से ब्लश की रंगत उभरकर आती है और मेकअप को टिकाऊ बनाने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि, ब्लश की मात्रा अपनी पसंद और मौके के हिसाब से ही रखें.

हाइलाइटर लगाने का सही तरीका, ज्यादा चमक से बचें

चेहरे पर ग्लो लाने के लिए हाइलाइटर अच्छा विकल्प है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा लगाने पर मेकअप बहुत चमकीला दिख सकता है. भारतीय स्किन टोन के लिए शैंपेन, गोल्डन शैंपेन और रोज गोल्ड जैसे शेड्स अच्छे विकल्प हो सकते हैं. सही शेड चुनने के लिए अपनी स्किन के अंडरटोन को ध्यान में रखें.

हाइलाइटर को चीकबोन्स के ऊपरी हिस्से और नाक के सिरे पर थोड़ी मात्रा में लगाएं. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करें, ताकि चेहरे पर चमक तो आए, लेकिन ग्लिटर जैसा असर न दिखे. आखिरकार, खूबसूरत मेकअप वही है जो आपकी असली रंगत को बनाए रखते हुए चेहरे को फ्रेश और नेचुरल लुक दे.

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