केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू कर दी है, जिसके तहत अगले 90 दिनों के भीतर गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें मकान मुहैया कराए जाएंगे। योजना को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई नए नियमों को शामिल किया गया है, और जल्द ही इसका सर्वे शुरू होगा।
पात्रता के नए नियम
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में पात्रता के नियमों में बदलाव किया गया है। अब 15,000 रुपये प्रतिमाह तक की आय वाले व्यक्ति, दो पहिया वाहन रखने वाले, और फ्रिज रखने वाले भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। पहले इन शर्तों के कारण लोग योजना से बाहर हो जाते थे, लेकिन अब इन्हें योजना के दायरे में शामिल कर दिया गया है।
सर्वे के दौरान आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा लोग, भीख मांगकर जीवनयापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जनजाति समूह, और बंधुआ मजदूरों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम स्तर पर खुली बैठकों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके।
सर्वे और चयन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने जानकारी दी कि हर ग्राम पंचायत में सर्वे की शुरुआत से पहले नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि लोग बैठक में शामिल होकर योजना की जानकारी प्राप्त कर सकें। इन बैठकों में खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी भी शामिल होंगे, और गांव की दीवारों पर नए नियमों को लिखवाया जाएगा ताकि लोग जागरूक हो सकें।
इस बार सरकार ने मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से भी योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया है। पात्र लाभार्थियों को 90 दिनों के भीतर पक्का मकान उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।
पुराने नियमों में बदलाव
वर्ष 2018 के सर्वे के अनुसार, जिनके पास दो पहिया वाहन, फ्रिज, या परिवार में किसी की आय 10,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक थी, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होते थे। अब इन नियमों को हटाकर योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है।
हालांकि, कुछ शर्तें अब भी लागू रहेंगी। जिन परिवारों का कोई सदस्य 15,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक कमा रहा हो, तीन पहिया या चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर हो, 50,000 रुपये से अधिक का क्रेडिट कार्ड हो, या जिनके पास सरकारी नौकरी हो, वे योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा, आयकर और व्यवसाय कर देने वाले परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर होंगे।
जमीन की शर्तें
जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि है, या 5 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है, वे भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। यह शर्तें इस योजना के पारदर्शी और लाभकारी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत सरकार ने गरीबों और आश्रयविहीन परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर दिया है। नए नियमों के साथ योजना को और पारदर्शी और समावेशी बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
