Engineer’s Day: 15 सितंबर को भारत में इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है, जिसका श्रेय देश के पहले इंजीनियर सर एम. विश्वेश्वरैया को जाता है। उनकी अनोखी इंजीनियरिंग उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय इतिहास में अमर बना दिया है। इस खास मौके पर, हम उनके जीवन से जुड़े एक दिलचस्प किस्से पर नजर डालते हैं।
सर विश्वेश्वरैया की बुद्धिमत्ता
सर एम. विश्वेश्वरैया की बुद्धिमत्ता और कुशलता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया था। जब एक बार कर्नाटक के माच्चर में एक पुल के ढहने का खतरा पैदा हो गया, तो सर विश्वेश्वरैया ने तत्परता से स्थिति का आकलन किया और उसकी मरम्मत के लिए जरूरी कदम उठाए। उनकी सूझबूझ और कुशल इंजीनियरिंग के कारण, पुल का ढहना रोका गया और एक बड़े हादसे से बचा गया।
इंजीनियर्स डे की महत्वपूर्णता
इंजीनियर्स डे का आयोजन हर साल 15 सितंबर को सर विश्वेश्वरैया की जयंती पर किया जाता है, जो भारतीय इंजीनियरिंग की ऊंचाइयों को मान्यता देने और उनके योगदान को सराहने का अवसर है। उनकी अद्वितीय उपलब्धियां और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत हैं।
