महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों के हित में एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने प्याज पर लगने वाले निर्यात शुल्क को 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से प्याज किसानों को राहत मिलेगी, खासकर महाराष्ट्र के किसानों को, जिन्हें इससे बड़ी राहत की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री शिंदे ने किया फैसले का स्वागत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं महाराष्ट्र के सभी प्याज किसानों की ओर से प्याज निर्यात पर न्यूनतम शुल्क हटाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।”
किसानों की समस्याओं पर ध्यान
शिंदे ने कहा कि निर्यात पर पहले से ही प्रतिबंध हटा लिया गया था, लेकिन निर्यात शुल्क के कारण किसानों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से भी अनुरोध किया था। न्यूनतम निर्यात शुल्क (550 डॉलर प्रति टन) हटाने के फैसले को उन्होंने महाराष्ट्र के हजारों प्याज उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी राहत करार दिया।
निर्यात में वृद्धि की उम्मीद
मुख्यमंत्री शिंदे का मानना है कि इस कदम से प्याज के निर्यात में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में भी सुधार होगा। निर्यात बढ़ने से देश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे वे अधिक लाभ कमा सकेंगे।
सरकार का आधिकारिक निर्णय
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को प्याज निर्यात पर 550 डॉलर प्रति टन की मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (एमईपी) की शर्त को तत्काल प्रभाव से हटा लिया। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि “प्याज निर्यात पर एमईपी की शर्त अगले आदेश तक के लिए हटा दी गई है।”
किसानों के लिए राहत, लेकिन कीमतों में वृद्धि की आशंका
सरकार के इस कदम से प्याज उत्पादक किसानों को निश्चित रूप से लाभ होगा, लेकिन निर्यात खुलने से देश में प्याज की कीमतें बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, यह निर्णय किसानों की आय को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
