Wayanad disaster: केरल के वायनाड जिले में हाल ही में हुए भूस्खलन ने वहां के लोगों को भारी तबाही में डाल दिया है। इस अवस्था में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने वायनाड में चल रहे राहत कार्यों का वर्णन किया। इस वीडियो को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा है।
थरूर का वीडियो: यादगार दिन की कहानी
वीडियो में दिखाई देने वाले हैं शशि थरूर, जो एक ट्रक से राहत सामग्री उतार रहे हैं और वायनाड में आपदा प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ये उनके लिए यादगार दिन की कुछ यादें हैं। उनकी इस पोस्ट ने विवाद उत्पन्न किया, क्योंकि कई लोगों ने इसे असंवेदनशील माना और इस पर आलोचना जताई।
आलोचना का मुद्दा: क्या है विवाद?
शशि थरूर ने वीडियो के कैप्शन में उसे ‘यादगार दिन’ कहा, जिसके बाद कई लोगों ने उनकी आलोचना की। उन्होंने अपने प्रतिक्रियात्मक पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि इस दिन को उनके जीवन में यादगार बनाने का अवसर मिला जब वे वायनाड में राहत कार्यों में सहायता कर रहे थे।
भाजपा का प्रतिक्रिया: समाज में बहस
इस विवाद के बाद, भाजपा नेता अमित मालवीय ने थरूर पर निशाना साधा और कहा कि उनके लिए यादगार दिन त्रासदी और आपदा का अर्थ होता है। इसके बावजूद, शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका मतलब केवल ये था कि यह एक ऐसा दिन है जिसे याद किया जा सके, जो बेहद खास हो और जिसे भूला नहीं जा सके।
समाज का विवाद: समाज की प्रतिक्रिया
समाज में इस विवाद पर कई विचारात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया आई है। वहां के लोगों ने शशि थरूर को उनकी भावनाओं के प्रकट करने पर यादगार दिन कहने पर आलोचना की है। उन्हें इसके बारे में सवाल पूछे गए कि क्या ऐसी भावनाएं सोशल मीडिया पर जाहिर करना उचित है, जबकि उनके लोगों को राहत और समर्थन की ज़रूरत है।
