Pawan Singh: पवन सिंह के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के ये मामले 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किए गए थे, जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने कई स्थानों पर बिना अनुमति के रैलियां और सभाएं की थीं, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन था। इसके चलते उनके खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।
कोर्ट में पेश होने पर भारी भीड़ जमा
बिक्रमगंज कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, क्योंकि पवन सिंह की लोकप्रियता के कारण हर बार उनके कोर्ट में पेश होने पर भारी भीड़ जमा हो जाती थी। जमानत के लिए कोर्ट में उनकी उपस्थिति को पहले टाला गया था, लेकिन फिर गुप्त रूप से उनकी पेशी करवाई गई। इसके बावजूद, कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे।
इन मामलों में बेवजह फंसाया गया
पवन सिंह की टीम और वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि उन्हें इन मामलों में बेवजह फंसाया गया है और उनका किसी भी तरह से कानून तोड़ने का इरादा नहीं था। कोर्ट ने उनके तर्कों को सुनने के बाद चारों मामलों में उन्हें जमानत दे दी। हालांकि, इन मामलों की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी, लेकिन फिलहाल उन्हें राहत मिल गई है।
पवन सिंह के प्रशंसकों में खुशी की लहर
इस फैसले के बाद पवन सिंह के प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में कई संदेश देखने को मिले हैं। यह घटना उनके प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाने वाली साबित हुई है।
